रात में बस रोककर ली तलासी ,आरोपी गिरफ्तार
बलरामपुर।रामानुजगंज जिले की वाड्रफनगर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के मुख्य आरोपी को उड़ीसा से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी का नाम भगवान सेठी पिता श्याम सेठी, निवासी थाना नारला, जिला कालाहांडी (उड़ीसा) है। पुलिस के जानकारी के अनुसार दिनांक 10 अक्टूबर 2025 की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कोरबा से बनारस जा रही शिव शक्ति महिंद्रा बस में दो युवक मादक पदार्थ गांजा लेकर सफर कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही चौकी वाड्रफनगर प्रभारी उप निरीक्षक धीरेंद्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए नाकाबंदी की। रात लगभग 12:30 बजे जब बस चौकी वाड्रफनगर के सामने पहुँची, तो उसकी तलाशी ली गई। इस दौरान अपर बर्थ पर बैठे दो यात्रियों नीतिश चंद्र (19 वर्ष) निवासी नदीहार, थाना राजगढ़, जिला मिर्जापुर (उ.प्र.) तथा दीपक शर्मा (24 वर्ष) निवासी झापड़ी, थाना सुकृत, जिला सोनभद्र (उ.प्र.) के पास से कुल 4.200 किलोग्राम अवैध गांजा (2.100–2.100 किग्रा प्रत्येक) बरामद किया गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत होगी कार्यवाही
धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे गांजा उड़ीसा से लाकर उत्तर प्रदेश में बेचने के लिए ले जा रहे थे।
दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 188/25 धारा 20b ndps एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया ।
मुख्य आरोपी उड़ीसा से गिरफ्तार
प्रकरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में एंड-टू-एंड कार्रवाई हेतु टीम गठित की गई।
टीम में उप निरीक्षक धीरेंद्र तिवारी (चौकी प्रभारी वाड्रफनगर) के नेतृत्व में पुलिस कर्मी आरक्षक अंकित जायसवाल एवं संतोष गुप्ता शामिल थे।टीम ने उड़ीसा जाकर मुख्य तस्कर भगवान सेठी पिता श्याम सेठी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने 16,000 रुपये फोनपे के माध्यम से लेकर 4 किलो गांजा बेचा था।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वाड्रफनगर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल रामानुजगंज भेजा गया।
साथ ही आरोपी की चल–अचल संपत्तियों की जानकारी एकत्रित कर सीज करने की कार्यवाही भी जारी है। पूरे अभियान में उप निरीक्षक धीरेंद्र तिवारी, आरक्षक अंकित जायसवाल एवं आरक्षक संतोष गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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