जशपुर, 12 सितम्बर।जशपुर पुलिस ने जादुई कलश के नाम पर हजारों ग्रामीणों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले चार ठगों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। आरोपियों ने आर.पी. ग्रुप नामक फर्जी कंपनी बनाकर भोले-भाले लोगों से सदस्यता, सिक्योरिटी मनी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लाखों रुपए वसूले थे। पुलिस का अनुमान है कि अब तक लगभग 1 करोड़ 94 लाख रुपए की ठगी सामने आई है, हालांकि रकम और भी बढ़ सकती है।
इस तरह दिया गया झांसा
आरोपियों ने ग्रामीणों को बताया कि कोरबा जिले के मंडवारानी में एक “जादुई कलश” मिला है, जिसे विदेश में अरबों रुपए में बेचा जाएगा। कंपनी से जुड़े हर सदस्य को 1 से 5 करोड़ रुपए तक का लाभ मिलेगा। इसी प्रलोभन में आकर हजारों लोग आर.पी. ग्रुप में जुड़ गए और प्रति व्यक्ति 25,000 से 70,000 रुपए तक की राशि आरोपियों को सौंप दी।
पीड़िता की शिकायत पर खुला मामला
पत्थलगांव थाने में ग्राम चिड़ौरा निवासी अमृता बाई (33) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वर्ष 2021 में आर.पी. ग्रुप से जुड़ने के बाद उनसे 25,000 रुपए सिक्योरिटी मनी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लिए गए, लेकिन वादा किया गया लाभ कभी नहीं मिला। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भादंवि की धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह ने एसडीओपी पत्थलगांव धुर्वेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और सरगुजा में दबिश देकर आरोपी राजेन्द्र कुमार दिव्य (46),तुरेंद्र उर्फ मनीष कुमार दिव्य (38),प्रकाश चन्द्र धृतलहरे (40),उपेन्द्र कुमार सारथी (56) को गिरफ्तार कर लिया।दो अन्य आरोपी महेन्द्र बहादुर सिंह ठाकुर और उसका सहयोगी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
बरामदगी व सबूत
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी से जुड़े दस्तावेज, एक कार और मोबाइल जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 13 लाख रुपए आंकी गई है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि “जशपुर पुलिस ने ठगों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिन्होंने जादुई कलश के नाम पर हजारों लोगों को ठगा। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।”

