गरियाबंद, 06 अक्टूबर 2025 | नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के तीन ईनामी माओवादियों ने हथियारों के साथ गरियाबंद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन माओवादियों ने हिंसा और विनाश के रास्ते को त्यागकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले तीनों माओवादी डीजीएन डिवीजन में सक्रिय थे और कई बड़ी मुठभेड़ों में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में नागेश उर्फ रामा कवासी, जैनी उर्फ देवे मडकम और मनीला उर्फ सुंदरी कवासी शामिल हैं।
नागेश उर्फ रामा कवासी
ग्राम तर्रेम, थाना तर्रेम, जिला बीजापुर का निवासी नागेश वर्ष 2022 में पामेड एरिया कमेटी में भर्ती हुआ था। माओवादी संगठन में उसे डीव्हीसी डमरू के गार्ड के रूप में कार्य सौंपा गया था। वह धमतरी जिले के एकावरी और मेटाल गांवों में हुई मुठभेड़ों में शामिल रहा, जिसमें कई शीर्ष नक्सली मारे गए थे।
जैनी उर्फ देवे मडकम
बीजापुर जिले के इतगुडेम गांव की रहने वाली जैनी वर्ष 2016 में जनमिलिशिया से जुड़ी और बाद में पामेड एरिया कमेटी की सदस्य बनी। उसने ओडिशा राज्य में सक्रिय माओवादी नेता पाण्डु उर्फ प्रमोद के गार्ड के रूप में कार्य किया। जैनी कई बड़ी मुठभेड़ों में शामिल रही, जिनमें मई 2025 की मोतीपानी और 11 सितम्बर 2025 की मेटाल मुठभेड़ प्रमुख हैं।
मनीला उर्फ सुंदरी कवासी
जिला बीजापुर के जैगूर गांव की निवासी मनीला वर्ष 2020 में संगठन में शामिल हुई थी। उसे डीव्हीसी चलपति उर्फ जयराम के गार्ड के रूप में नियुक्त किया गया था। गरियाबंद-ओडिशा सीमा के कई क्षेत्रों में वह सक्रिय रही और कई नक्सली घटनाओं में शामिल रही।
खोखली विचारधारा से हुआ मोहभंग
तीनों माओवादियों ने कहा कि संगठन की विचारधारा अब पूरी तरह खोखली हो चुकी है। निर्दोष ग्रामीणों की हत्या, ठेकेदारों से अवैध वसूली, विकास कार्यों में बाधा डालना और छोटे कैडरों का शोषण जैसी गतिविधियों से वे निराश थे।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित साथियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत आवास, स्वास्थ्य, रोजगार और ईनाम राशि जैसी सुविधाएं मिलने से वे भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हुए।
गरियाबंद पुलिस की अपील
गरियाबंद पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण अभियान में E-30, STF, Cobra-207 और CRPF का विशेष योगदान रहा।
पुलिस ने सक्रिय माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास के मार्ग पर लौटें।
आत्मसमर्पण के लिए नक्सल सेल गरियाबंद के नंबर 94792-27805 पर संपर्क किया जा सकता है।

