नक्सलियों के समाज में मुख्य धारा से जुड़ने पर सीएम साय ने जताई खुशी

रायपुर (News27) 15.05.2024 । प्रदेश की विष्णु सरकार द्वारा लाई गई आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर लगातार नक्सली बंदूक छोड़कर समाज की मुख्य धारा में लौट रहे हैं। बीजापुर जिले में 30 नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुशी जताई है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनरुत्थान के लिए कार्य करने की बात कही है।
अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर उन्होंने लिखा है कि – अत्यंत हर्ष का विषय है कि माओवादियों की विचारधारा से क्षुब्ध होकर और छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर बीजापुर के 30 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इनमें से कई ईनामी माओवादी भी रहे हैं।
माओवाद के काले साये से रक्षा के लिए हमारी सरकार हरसंभव और हर स्तर पर लड़ाई लड़ रही है। इस माओवाद के कुचक्र में फंस चुकी बस्तर की आम आदिवासी जनता भी अब पुनः मुख्यधारा में आने का प्रयास कर रही है, जो स्वागतेय है।हमारी सरकार नक्सलवाद का दामन छोड़ मुख्यधारा में आने वाले इन आदिवासियों के पुनरुत्थान के लिए तत्पर है। गौरतलब है कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास के लिए विष्णु सरकार ने “नियद नेल्लानार योजना” मतलब “आपका अच्छा गांव” योजना की शुरुआत की है। जिससे कि गांव में सारी मूलभूत सुविधाएं सरकार उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से भी नक्सली प्रभावित होकर बंदूक छोड़ रहे हैं। बता दें कि आत्मसमर्पण करने वाले तीस नक्सलियों में 9 नक्सली लगभग 39 लाख के इनामी थे। 2024 में अब तक 180 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। वहीं 76 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
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मोदी की गारंटी का हर वादा हो रहा पूरा

रायपुर (News27) 15.05.2024 । छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू हो चुका है। राज्य के 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियन, 902 प्राथमिक वनोपज सहकारी सहकारी समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण और भंडारण कार्य जोरों पर है। इस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुशी जताई है और इसे तेंदूपत्ता संग्राहकों की जिंदगी में साकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया है।
श्री साय ने कहा कि राज्य में हरा सोना तेंदूपत्ता की खरीदी हमनें शुरू कर दी है। जिसके संग्रहण का कार्य जून प्रथम सप्ताह तक जारी रहेगा। मोदी की गारंटी में किए गए वादे के अनुसार हमारी सरकार 5500 रूपया प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीद रही है। इससे राज्य के साढ़े बारह लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार, जिसमें अधिकांश आदिवासी परिवार हैं, उनकी जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि 5500 रूपया प्रति मानक बोरा के साथ लाभांश राशि भी संग्राहक परिवार को देने की गारंटी हमारी सरकार ने दी है। इसके साथ ही संग्राहक परिवार के बच्चों को छात्रवृत्ति भी हमारी सरकार देगी। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ अन्तर्गत तेंदूपत्ता का संग्रहण माह अप्रैल 2024 के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ किया गया है।
संग्रहण हेतु 16.72 लाख मानक बोरे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दिनांक 13 मई 2024 तक उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 7.82 लाख मानक बोरे का संग्रहण किया जा चुका है जो निर्धारित लक्ष्य का 45.19 प्रतिशत है। तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे हुए 12.50 लाख संग्राहक परिवार को रू. 5500 प्रति मानक बोरा की दर से इस संग्रहण के लिए 900 करोड़ रूपये का भुगतान प्राप्त होना संभावित है। अब तक कुल 275.77 लाख रूपये का भुगतान ऑनलाईन किया जा चुका है। ज्ञातव्य है कि भुगतान में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से साय सरकार द्वारा ऑनलाइन भुगतान हेतु एक सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। जिसके माध्यम से किया गया भुगतान सीधे संग्राहकों के खाते में पहुंचेगा।
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