
संयुक्त किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि
रायपुर। संयुक्त किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि राज्यपाल और मुख्यमंत्री से किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए समय मांग रहे थे, लेकिन 6 से 10 नवंबर के बीच एक दिन भी समय न मिलने पर किसानों में नाराजगी बढ़ गई। इसी नाराजगी के बीच किसानों ने उनके कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में तेजराम विद्रोही (महासचिव, भारतीय किसान यूनियन टिकैत), जनक लाल ठाकुर (पूर्व विधायक), सौरा यादव, नरोत्तम शर्मा, गैंद सिंह ठाकुर, कल्याण पटेल, मदन लाल साहू, नवाब जिलानी, मनोज कुमार साहू, प्यारीराम साहू और संतु बढ़ाई सहित अन्य शामिल थे।
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को हल्के में ले रही है, इसलिए मुलाकात का समय तक नहीं दिया गया। उन्होंने चेताया कि मांगों पर तुरंत कार्रवाई न हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मुख्य मांगें
1. सभी फसलों पर C2+50% फार्मूला आधारित MSP की गारंटी और धान के बढ़े हुए समर्थन मूल्य (3286 रु. प्रति क्विंटल) का लाभ किसानों को दिया जाए।
2. एग्रीस्टेक पोर्टल में वंचित किसानों की खरीदी पूर्व पंजीयन के आधार पर की जाए और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया किस्त जारी हो।
3. बिजली बिल हाफ योजना पुनः लागू की जाए, स्मार्ट मीटर हटाए जाएं, ग्रामीणों से बढ़े बिल माफ हों और 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो।
4. 50 से कम छात्रों वाले स्कूल बंद करने की नीति रद्द हो, निजीकरण पर रोक लगे और सरकारी स्कूलों को मजबूत किया जाए।
5. हसदेव अरण्य सहित जल-जंगल-जमीन को कॉरपोरेट हस्तक्षेप से बचाया जाए और अवैध खनन अनुबंध रद्द हों।
6. फसल बीमा मूल्यांकन ग्राम स्तर नहीं, किसान के खेत स्तर पर हो।
7. बिना किसान किताब के नामांतरण-रजिस्ट्री की प्रक्रिया रद्द की जाए।
8. राज्य में बारहमासी सिंचाई व्यवस्था विकसित की जाए।
9. पेसा कानून का पालन और वन अधिकार पट्टों का वितरण किया जाए।
10. सहकारिता कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा किया जाए।

