नीमगांव डेम में पक्षी विहार बनाने का ग्रामीणों ने किया विरोध

कलेक्टेड पहुंचकर कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

जशपुर नगर। जिला मुख्यालय से नजदीक नीमगांव डेम की खूबसूरती सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसे पर्यटन के तौर पर विकसित किया जायेगा। यहां प्रवासी विदेशी पक्षीयों विचरण के लिए आते हैं। डेम में पक्षीयों के विचरण के लिए पक्षी विहार बनाया जायेगा। यहां से तरह -तरह के विदेशी पक्षीयों ठंड के महीने में आते है। यहां का मौसम पक्षीयों के अनुकूल है। डेम में पक्षी विहार का निरीक्षण कार्य किया जा रहा है । पक्षी विहार को लेकर ग्रामीणों ने असहमति जताया है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने मोर्च खोल दिया।
बुधवार को नीमगांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्टेड पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है डेम के किनारे किसानों की जमीन है । जिसे पटाने से 20 मीटर जमीन दब जायेगी। उनका कहना है जीवन यापन के लिए जो थोड़ा बहुत जमीन बचा है उसमें कृषि कर जैसे तैसे परिवार का भरण पोषण कर रहें थे वह भी चला जायेगा। गर्मी के दिनों में पशुओं को
पानी पीने के लिए अन्य सुविधा नहीं है । शादी विवाह में डेम का पानी उपयोग में लाते है अगर शासन द्वारा डेम का पक्षी विहार बाने के बाद निस्तार सुविधा में बाधित होगा ।
नीमगांव डेम में जिलिंग, किलिंग बड़ा कोरोजा, हजारी टोली , नीमगांव ,डोंगा टोली , राता माटी के मवेशी पानी पीने आते है इसलिए पक्षी विहार कार्य से ग्रामवासी सहमत नहीं है । बताते है पक्षी विहार ग्रामीणों की असहमति से अब नहीं बन सका है। पूर्व कलेक्टर क्षीर सागर एवं वनमंडल अधिकारी कृष्ण कुमार जाधव ने पक्षी विहार बानने का पहल किया था। लेकिन ग्रामीणों के विरोध व असहमति के कारण पक्षी विहार नहीं बन सका।नीम गांव में डेम में भरपुर पानी भरे होने के कारण ठंड के महीने टेल्डस्टान्नाईक ट्राईकलर नामक हिमालय से आने वाली पक्षी भी यहां मिली है। इसके अलावा जिले में ब्लू कैव्ड रौक थ्रस, ,अल्ट्रा मरीन, वरी डेंटर फ्लाई कैचर, रुफर्स वुड पैंक जैसी विदेशी पक्षीयां मेहमान बनकर नीम गांव डेम में आते है।

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