राजधानी में गुमशुदा दस का सिक्का..!

सुभाष श्रीवास्तव

रायपुर (News27)19.02.2024 । रिजर्व बैंक द्वारा जारी दस का सिक्का आज से दस वर्ष पहले आरबीआई द्वारा धूमधाम से जारी किया गया था। जिसका स्वागत भी नये-नवेले दूल्हे की तरह सभी ने किया भी, परन्तु आज कुछ वर्षों के चलन के बाद अचानक दस का यह सिक्का रायपुर राजधानी में नदारद/गुमशूदा हो गया। दस का यह सिक्का आखिर कहां गया, इस सवाल से कहीं अधिक कीमती सवाल यह है कि राजधानी का दस का सिक्का आखिर जा कहां रहा है ? जबकि राजधानी से बाहर दिगर शहरों में यह आम चलन में शामिल है। रायपुर में खुरदा से लेकर थोक व्यापारी तक इसे लेने से साफ इंकार कर देते हैं। कई बार इस मसले के हल हेतु जिला कलेक्टर द्वारा फरमान निकल चुका है कि सिक्का के चलन पर कोई पाबंदी नहीं है और इसके लेन-देन को लेकर इंकार करने वाले आरबीआई के नियमों का अवहेलना ही करते हैं, परन्तु फिर भी इस फरमान का असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता। आम जनता की बात तो छोड़िए अधिकारी-जनप्रतिनिधी स्तर के लोग भी रायपुर में दस के सिक्का लेने से कतराते हैं। कुछ के पास यदि दस को सिक्का जमा भी जाये तो या तो वे इसे राजधानी से बाहर खर्च करते हैं या फिर बैंकों में जमा कर बदले में करेंसी लेते हैं। बेहद विस्मयकारी सिस्थती है कि राजधानी में ही दस का सिक्का पर गुमशुदा का टैग लग गया ? आखिर गुनाह क्या है दस के सिक्के का, इसके पीछे के राज को शासन-प्रशासन विगत कुछ वर्षों से आज तक पता नहीं लगा पाई, यदि इस संबंध में जिम्मेदारों से सवाल पूछे तो वे यही रटन्त लगाते हैं कि दस का सिक्का का राजधानी में आज भी वहीं अहमियत है जो आरबीआई के नियम अंतर्गत हैं।…लाख टके का सवाल यह है कि ऐसे में आखिर राजधानी में ही यह दस का सिक्का कहां गुमशूदा है ? क्यों इसकी अहमियत आम जनमानस नहीं समझ पा रहे ? क्यों यह बाजार में चलन से बाहर है ?

इसकी वैधता को लेकर गर्म अफवाहों पर लगे रोक –

भारतीय जर्व बैंक द्वारा 10 रुपए का सिक्का आज से 15 साल पहले लाया गया था लेकिन दुकानदार और कारोबारी आज भी इसको लेने से इनकार कर रहे हैं। इसकी वैधता को लेकर अफवाहें गर्म है । अतिश्योक्ति नहीं होगी कि इसकी वजह से अगर रिजर्व बैंक के पास 10 रुपए के सिक्कों का पहाड़ खड़ा हो गया हो। 

आरबीआई इस मामले पर गंभीर है। उनके अनुसार सभी बैंक को 10 रुपए के सिक्के के बारे में लोगों को जागरुक करना चाहिए कि इस सिक्के को बंद करने की कोई योजना नहीं है और न ही नकली सिक्के का कोई खतरा है। 10 रुपए की कीमत का सिक्का पहले की तरह ही बाजार में चलता रहे, जनहित में इसके लिए बैंक को हर संभव कोशिश करने की आवश्यकता है।

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