रेड सैंडर्स तस्करी रैकेट का बड़ा खुलासा, ईडी ने अटैच की 8.60 करोड़ की संपत्ति

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लाल चंदन तस्करी (Red Sanders Smuggling) से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए लगभग 8.60 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली है। यह कार्रवाई उस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ी है, जिसने अवैध तरीके से करोड़ों रुपये कमाकर उसे रियल एस्टेट कारोबार में खपाया था।

जांच एजेंसी के अनुसार, रायपुर और नागपुर के गोदामों से निकला धागा सीधे 63 करोड़ रुपये के स्मगलिंग नेटवर्क तक पहुंचा। गिरोह लगातार दक्षिण भारत से रेड सैंडर्स (लाल चंदन) की अवैध कटाई और तस्करी कर रहा था। यह लकड़ी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक मूल्यवान है और इसे कई देशों में अवैध रूप से भेजा जा रहा था।

ईडी ने बताया कि इस तस्करी से कमाए गए पैसे को तमिलनाडु में रियल एस्टेट डीलिंग्स में लगाया गया। इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड अब्दुल जाफर पहले से ही जेल में बंद है और उसके खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला लगभग अंतिम चरण में है।

गिरोह का संचालन कई राज्यों में फैला हुआ था और जांच एजेंसी को संदेह है कि इसमें विदेशी संपर्क भी शामिल रहे हैं। ईडी की कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि यह सिर्फ तस्करी नहीं बल्कि भारत–छत्तीसगढ़ से जुड़ा सबसे बड़ा इको-क्राइम और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क है, जिसने अवैध कमाई को वैध संपत्ति में बदलने का पूरा तंत्र खड़ा किया।

इस कार्रवाई के बाद अब एजेंसी अन्य सहयोगियों और फ्रंट कंपनियों की भी जांच कर रही है, जिनके जरिए करोड़ों रुपये के हवाला और संपत्ति निवेश का खेल चल रहा था।

लाल चंदन तस्करी से जुड़े इस नेटवर्क के खुलासे ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार और पर्यावरण अपराध की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

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