रायपुर (News27) 24.04.2024 । शहर की बरसों पुरानी तथा जानी मानी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ऋचा का 45वे स्थापना दिवस का भव्य आयोजन वृंदावन सभागार में किया गया । संस्थापिका स्व शांति यदु ने इस संस्था की स्थापना 1979 में बेहद अनूठे अंदाज़ में गृहणियों व कामकाजी महिलाओं को लेकर शुरू की , उनकी मेहनत रंग लाई, गृहस्थी के साथ-साथ महिलाओं ने लेखन, पठन-पाठन में रूचि दिखाई और जानी मानी लेखिका कवयित्री बनकर आज भी समाज में अपना विशिष्ट मुकाम बनाए हुए है। शांति यदु के जाने के बाद उनके पुत्र व पुत्रवधु ब्रिगेडियर प्रदीप यदु, मंजु यदु ने इस विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया, मनोयोग से यदु परिवार ने भी साथ दिया और अब संस्था 45 वर्ष पूरी कर पुष्पित पल्लवित हो रही है। संस्था में जाने माने शिक्षाविद डाॅ. चितरंजन कर, आचार्य अमरनाथ त्यागी, वरिष्ठ साहित्यकार सुरेंद्र रावल, केपी सक्सेना दूसरे, डाॅ. जेके डागर, राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत आशामानव, चंद्रकला त्रिपाठी, लतिका भावे, चंद्रकांता अग्रवाल, शशि मिश्रा, डाॅ.मंजुलाहर्ष श्रीवास्तव, मधु सक्सेना, डाॅ. सीमा श्रीवास्तव, माधुरी कर, जयश्री शर्मा, साधना सक्सेना, नीता श्रीवास्तव, दिनेश गौतम, डाॅ. साधना कसार, किरणलता वैद्य, डाॅ. अमृता शुक्ला, सरोज दुबे,अनिल श्रीवास्तव जाहिद दिलीप वरवंडकर, कोमल राठौर, शकुंतला तरार, प्रज्ञा त्रिवेदी, ईरा पंत, मीना शर्मा सदस्य आज भी सक्रिय हैं। शांति यदु के नाम व इंदु रावल के नाम हर वर्ष संस्था के एक-एक सदस्य को सम्मानित भी किया जाता है । इस वर्ष शांति यदु स्मृति सम्मान आचार्य अमरनाथ त्यागी और चंद्रकला त्रिपाठी को एवम् वर्षा रावल द्वारा इंदु रावल स्मृति सम्मान आशामानव को दिया गया ।
संस्था की सचिव नीता श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मंच के प्रवाह हेतु संचालिका डाॅ.सीमा श्रीवास्तव को आमंत्रित किया तत्पश्चात अध्यक्ष लतिका भावे, कल्पना यदु, ब्रिगेडियर प्रदीप यदु ने द्वारा दीप प्रज्वलन करके मां शारदे का आव्हान किया गया । वीणापाणि की सुमधुर वंदना नन्हे कलाकार धैर्य त्रिपाठी ने प्रस्तुत की। संरक्षक ब्रिगेडियर प्रदीप यदु ने अपने उद्बबोधन में संस्था के क्रियाकलापों और आज के कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष लतिका भावे ने स्वरचित गीत की पंक्तियों द्वारा सभी का स्वागत किया !
प्रथम प्रस्तुति डाॅ. मंजुलाहर्ष श्रीवास्तव द्वारा सितार वादन तबला रूपेन्द्र श्रीवास्तव की हुई ! चंद्रकला त्रिपाठी द्वारा एकल नृत्य, नीलिमा मिश्रा द्वारा एकल अभिनय एवं किरणलता वैद्य व ईरा पंत द्वारा किए गए नृत्य ने दर्शकों की भरपूर तालियां बटोरीं ! मधु सक्सेना, नीता श्रीवास्तव, मंजु यदु, कल्पना यदु व मीना शर्मा द्वारा लघु नाटिका की प्रस्तुति ने सबको गुदगुदाया । तत्पश्चात सुमधुर गायकी के साथ गीत संगीत की छटा बिखेरी मनोहर ठाकुर व रितु श्रीवास्तव ने तो पूरा समां बांध दिया । वरिष्ठ लेखिका व्यंग्यकार डाॅ. सीमा श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का शानदार संचालन कर ऊंचाईयाँ प्रदान की । कल्पना यदु ने आभार प्रेषित कर कार्यक्रम समापन की घोषणा की ।
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