
रायपुर (News27) 26.11.2024 । हाल ही में छत्तीसगढ़ सुकमा जिला के भेजी थाना क्षेत्र में भण्डारपदर एवं कोरजगुड़ा जंगल में पुलिस जवानों ने दस नक्सलियों को मार गिराया था. जिसके बाद नक्सलियों ने इस मुठभेंड़ को न्योयाचित्त ना मानते हुए इस पर प्रश्नचिन्ह खड़े करने की नाकाम कोशिश करने में लगे हैं. इस संबंध में उनके द्वारा इसके विरोध स्वरूप दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी सचिव द्वारा प्रेस नोट जारी कर इसे सुकमा वासियों के लिए काला दिवस बताया हैं. जारी प्रेस नोट में उन्होंने कहा है कि निहत्थे नक्सलियों पर हथियारों से लैस पुलिस के जवानों द्वारा हमला किया गया, जिससे उनके दस आदमी मौके पर ही मारे गए थे. नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर 29 नवंबर को सुकमा जिला बंद का आह्वान करते हुए उन्होंने सुरक्षा बलों पर बिना हथियार वाले नक्सलियों पर हमला करना बताया है. उन्होंने इस बंद में सभी को अपना समर्थन देने की अपील भी की है. ज्ञात हो कि राज्य सरकार को केन्द्र सरकार की ओर से नक्सलियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय की सरकार नक्सलियों से आरपार की लड़ाई के मूड में है. ऐसा नहीं है कि नक्सलियों के लिए सारे रास्ते बंद हो चुके बल्कि कई बार मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री द्वारा नक्सलियों को हथियार छोडऩे के लिए भी कह चुके हैं. जिसका व्यापक असर भी देखने को मिला और बहुतायत संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया, बावजूद कुछ नक्सली अभी जंगलों में हथियारों के साथ अड़े हुए है, जिन्हें अब राज्य शासन के कठोर कार्रवाईयों की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
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