भारी पुलिस बल तैनात, गांव छावनी में तब्दील

कांकेर | कांकेर जिले के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़ेतेवड़ा में कफ़न-दफन को लेकर उपजा विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव और आगजनी की घटनाओं के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम बड़ेतेवड़ा के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरू राम के निधन के बाद उनका शव गांव में कफ़न-दफन किया गया था। इसी बात को लेकर बुधवार को विवाद शुरू हुआ, जो बाद में हिंसा में तब्दील हो गया। आरोप है कि इस दौरान सर्व समाज के लोगों पर लाठी और पत्थरों से हमला किया गया, जिसमें आठ लोग घायल हो गए।
गुरुवार को स्थिति और बिगड़ गई। झड़प के दौरान कई ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने दफन किए गए शव को कब्र से बाहर निकलवाने का निर्णय लिया। शव निकाले जाने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और किसी को भी मौके पर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद शव को गांव से बाहर ले जाया गया।
शव हटाए जाने के बावजूद ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। गुस्साए लोगों ने बड़ेतेवड़ा स्थित चर्च में आगजनी कर दी। इसके बाद आमाबेड़ा स्थित चर्च को पुलिस ने घेर लिया, लेकिन वहां भी आगजनी की घटना सामने आई। इसके अलावा सरपंच रजमन सलाम के घर में भी तोड़फोड़ की गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके जवाब में ग्रामीणों ने पथराव किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हुए हैं।
बताया गया कि गुरुवार रात बाहरी लोगों की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से गांव को जोड़ने वाले सभी मार्गों पर पेड़ गिराकर अवरोध किया गया था। प्रशासन ने बाद में रास्तों को साफ कर आवागमन बहाल कराया।
इधर, आसपास के गांवों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन और पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

