गुरु घासीदास जयंती मनाई ,मनखे-मनखे एक बरोबर का दिया संदेश

जशपुर।छत्तीसगढ़ के महान समाज सुधारक एवं सतनाम पंथ के प्रवर्तक संत शिरोमणि गुरु घासीदास की 269वीं जयंती के अवसर पर शासकीय अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास, बरटोली (जशपुरनगर) में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु घासीदास के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने गुरु घासीदास बाबा के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक बरोबर” को समाज के लिए मार्गदर्शक बताते हुए समानता, सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथियों में पार्षद श्रीमती विजेता भगत, समाज सेविका श्रीमती शोभा यादव, व्याख्याता राजेन्द्र प्रेमी तथा आरआई अमरजीत खुंटे शामिल रहे। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में बाबा के सात संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी गुरु घासीदास बाबा के विचारों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

समारोह के दौरान भजन, गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें छात्रावास के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक समता और भाईचारे का संदेश दिया गया। व्याख्याता राजेन्द्र प्रेमी ने मंगल भजन
“हँसा उड़ी जाही रे… काया छोड़ी जाही, न मनमा सुमरले सतनाम ला” की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का संचालन तपेश्वर राम (छात्रावास नायक) ने किया। सहयोगी नायकों रितेश, राज भगत, योगेश, अजित एवं नवीन का विशेष योगदान रहा। सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों सहित सभी सहभागियों को भी स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के अंत में छात्रावास अधीक्षक संतोष कुमार रात्रे ने सभी आगंतुकों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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