जशपुर 2 अक्टूबर। दशहरे के पर्व पर नीलकंठ पक्षी का दर्शन और उसे खुले आकाश में उड़ाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दशहरे के दिन नीलकंठ का दिखना और उड़ान भरना आने वाले साल के लिए सुख, समृद्धि और मंगल का प्रतीक होता है।
लोक मान्यताओं और ग्रामीण परंपरा के अनुसार, नीलकंठ जिस दिशा में उड़ता है, उसका आने वाले समय से सीधा संबंध जोड़ा जाता है। यदि पक्षी उत्तर या पूर्व दिशा की ओर उड़ान भरे तो इसे बहुत शुभ माना जाता है, जबकि पश्चिम और दक्षिण दिशा को चुनौतियों का प्रतीक समझा जाता है।
स्थानीय बुजुर्गों और पुजारियों का कहना है कि पक्षी का अलग दिशा में उड़ना इस बात का संकेत है कि आने वाला साल लोगों के जीवन में नए अनुभव और अप्रत्याशित बदलाव लेकर आएगा। हालांकि वे यह भी मानते हैं कि दशहरे के दिन नीलकंठ का दर्शन और उसका उड़ान भरना हर हाल में शुभ फल ही देता है।
दशहरा मैदान में मौजूद श्रद्धालु रमेश यादव ने बताया, “नीलकंठ को देखना और उड़ते हुए देखना हमें हमेशा नई उम्मीद और विश्वास से भर देता है।

