दूधमुंहे बच्चों संग धरना स्थल पर बैठीं महिलाएँ

एनएचएम कर्मियों का संघर्ष: 16वें दिन भी जारी रही हड़ताल, अलग अंदाज़ में किया विरोध


जशपुरनगर।
नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी रही। खास बात यह रही कि मंगलवार को महिला कर्मियों ने अपने दूधमुंहे बच्चों को लेकर धरना स्थल पर बैठकर विरोध जताया।

कर्मचारियों का कहना है कि शासन बार-बार आश्वासन दे रहा है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। महिलाओं ने कहा कि मजबूरी में वे बच्चों को भी लेकर धरने पर बैठ रही हैं ताकि सरकार को यह एहसास हो कि आंदोलन उनकी ज़िंदगी से कितना जुड़ा हुआ है।

पारंपरिक अंदाज़ में विरोध

धरना स्थल पर कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक झाड़-फूंक पद्धति का सहारा लेते हुए प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को “नींद से जगाने” के लिए है।

कर्मचारी नेता शत्रुघ्न बघेल ने कहा, “हमारी हड़ताल को 16 दिन हो चुके हैं लेकिन शासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई है। जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा।”

स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं

लगातार हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। कई स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटक गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं बाधित हैं, मरीजों को रेफर किया जा रहा है या फिर उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।


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