द हित वाद अंग्रेजी अख़बार के संपादक मुकेश एस सिंह मधुकर खरे स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से होंगे सम्मानित

राज्योत्सव समारोह के अंतिम दिन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के हाथों होंगे पुरस्कृत

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य अलंकरण पुरुस्कारों की घोषणा कर दी गईं हैं। इस वर्ष 2024 में पत्रकारिता के क्षेत्र में मुकेश एस सिंह कों मधुकर खरे स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान उनको राज्योत्सव समारोह के अंतिम दिन कल उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा प्रदान किए जाएंगे। ज्ञात हो कि मुकेश एस सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में लम्बा सफऱ तय किया हैं . वह द हितवाद अंग्रेजी अखबार के संपादक हैं. उनका नाम पत्रकारिता पुरस्कार के लिए चयनित किए जाने पर प्रदेश भर के पत्रकारों में भारी उत्साह है। इसके आलावा प्रिंट के भोला राम और इलेक्ट्रॉनिक से मोहन को भी पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. बता दे कि मुकेश एस. सिंह का जन्म मुंबई में हुआ लेकिन जड़े महादेव की नगरी वाराणसी, उत्तर प्रदेश से जुड़ी है। उनके पिताजी एस. एस. सिंह भारतीय खाद्य निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, और उनकी माताजी श्रीमती निर्मला सिंह एक साधारण गृहिणी हैं। उनका शैक्षणिक योग्यता बीसीए और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में उच्च डिप्लोमा है।

पत्रकारिता का सफऱ

मुकेश का प्रेस जगत में अप्रैल 1998 में मध्य भारत के प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी समाचार पत्र द हितवाद से एक सर्वेयर के रूप में हुआ। वरिष्ठ पत्रकारों रम्मू श्रीवास्तव और जॉर्ज कुरियन के निर्देशन पर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम किया। बाद में शिक्षा बीट को कवर करने करने लगे। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय, संपादकीय कार्यभार रमेश नैय्यर ने संभाला, और उसी दौरान उन्होंने खेल पत्रकारिता में कदम रखा। राज्य के विभिन्न जिलों में खेल आयोजनों की विस्तृत कवरेज करते हुए, खेल पत्रकारिता में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी पुस्तक ए विंडो ऑन स्पोर्ट्स इन छत्तीसगढ़ का विमोचन प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने किया था। इसके माध्यम से राज्य में खेल पत्रकारिता को नई दिशा मिली।

वर्ष 2007 में उन्होंने पुनः द हितवाद जॉइन किया और नक्सल-प्रभावित क्षेत्रो में राजनीतिक रिपोर्टिंग में सक्रिय भूमिका निभाई। साल 2008 में मुख्य रिपोर्टर (Chief Reporter) के पद पर उन्हें पदोन्नत किया गया। इसके बाद, 2010 में समाचार संपादक के पद पर पदोन्नत किया गया, और उनका व्यंग्यात्मक कॉलम लेफ्ट-राइट-लेफ्ट को लोकप्रियता मिला। वे केंद्रीय कानून प्रवर्तन, वित्तीय कार्य बल, नागरिक उड्डयन, और वन्यजीव संरक्षण जैसे विषयों पर बेहतर पकड़ रखते है ।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top