• पट्टे के आभाव में गरीब जरूरत मंद आवास योजन से हो रहें वंचित
• आवास योजना के लिए पट्टे की कर रहें मांग
जशपुर नगर। शासन आवास योजना के लिए लाखों रु खर्च कर रही है जिसका फायदा गरीबों जरूरत मंदों के आलावा सामर्थवानों कों भी मिल रहा। आवास योजना के लिए पट्टाधारी और रजिस्ट्री जमीन वाले आवेदन कर रहें ।
उल्लेखनीय है कि नगर की आधी जमीन नजूल पर बसी है जिसमें से किसी के पास पट्टा है तो कोई गैर पट्टाधारि हैं। पट्टे के आभाव में गरीब जरूरत मंदों आवास योजना के अधिकार से वंचित हो रहें। जिला मुख्यालय के वार्डो में कई ऐसे गरीब जरूरत मंद है जिनके पास न पट्टा है और न पक्के मकान बनाने कि हैसियत। आर्थिक अभावों में वह कच्चे के मकान में रह रहें है। लोगों का कहना है जो लम्बें समय से नाजुल जमीन पर निवासरत है उनको आवास योजना प्रदान करना चाहिए। सरकार एक हितग्राहीयों को पक्के का मकान बनाने के लिए शहर में तीन लाख और गांवों में एक लाख तीस हजार के आसपास राशि अलग -अलग किश्तों में प्रदान कर रही हैं। जिसमें समर्थवान आतिरिक्त राशि मिलाकर बिल्डिंग तान रहें है।
गांवों में पंचायत जमीन ढूंढ़कर हितग्राहियों को आवास दिला रही
गरीब जरूरत मंद पुरी उम्र आर्थिक कारणों से पक्कें का मकान नहीं बना पातें है। इसलिए शासन गरीब जरूरत मंदों को आवास योजना के तहत पक्का मकान प्रदान कर रही है।
नगर में ऐसे कई जरूरत मंदों, गरीबों के पास पट्टा और रजिस्ट्री भूमि नही होने के कारण उनका आवास योजना का सपना पुरा नहीं हो पा रहा हैं। जबकि गांवों में पंचायत जरूरत मंदों, गरीबों को जमीन ढूंढ़कर आवास मुहैया करा रही है।
पट्टे के लिए दफ़्तरों के लगा रहें चक्कर
नजूल जमीन पर रहने वाले लोग शासन से पट्टे की मांग कर रहें है। नगरवासियों का कहना है जो 45 साल से रह रहें है उन्होंने पूर्व में पट्टा वितरण के लिए आवेदन किया था इसके बाद भी उन्हें पट्टा नहीं मिल पाया है। जो लम्बे समय से निवासरत है उनको सरकार को पट्टा वितरण करना चाहिए। पट्टे की उम्मीद से जरूरतंद दफ़्तरों के चक्कर लगा रहें है।
योगेश्वर उपाध्याय नगर पालिका सीएमओ जशपुर आवास योजना के लिए पट्टा जरूरी है।
ओंकार यादव एस .डी.एम जशपुर
नाजुल जमीन का पट्टा वितरण नहीं किया जा रहा और न कोई ऐसा आदेश आया है।

