महिला नगर सैनिकों ने किया शस्त्रों के साथ मार्च पास्ट, परिजनों ने बढ़ाया उत्साह

जशपुर। नगर सेना मुख्यालय रानी बगीचा परिसर में सोमवार को महिला नगर सैनिकों का दीक्षांत एवं मार्च पास्ट समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर नवनियुक्त महिला नगर सैनिकों ने शस्त्रों के साथ अनुशासित मार्च पास्ट कर अपनी कुशलता, परिश्रम और प्रशिक्षण की उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम स्थल पर गूंजती तालियों ने पूरे परिसर का वातावरण गौरवमय बना दिया।
99 महिला सैनिकों ने पूरा किया प्रशिक्षण
नगर सेना अधिकारी विपिन किशोर लकड़ा ने बताया कि जशपुर जिले के लिए नगर सेना में कुल 100 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था, जिनमें से 99 महिला सैनिकों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। एक अभ्यर्थी किसी कारणवश प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो पाई। अब सभी प्रशिक्षित सैनिकों को विभिन्न स्थानों पर उनकी पोस्टिंग दी जाएगी।
भावुक क्षणों के बीच छलके आंसू
समारोह में नगर सैनिकों के परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण अवधि के दौरान ये सभी महिला सैनिक अपने घर नहीं जा पाई थीं। दीक्षांत समारोह में अपने परिजनों से मिलकर भावनात्मक और गर्व से भरे क्षण देखने को मिले। ड्रेस में अपनी बेटियों को देखकर कई माताओं और पिताओं की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
मधु साय चौहान बनीं प्रेरणा की मिसाल
ग्राम पंचायत पंडरीपानी (पत्थलगांव) की मधु साय चौहान ने बताया कि उन्होंने स्वयं तैयारी कर यह सफलता हासिल की है। उनके परिवार में पहले कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं था। देश सेवा का अवसर मिलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।” उन्होंने अपनी बेटियों को भी मेहनत और लगन से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वहीं झरगांव ( दुलदुला ) निवासी सपना बाई, ने बताया कि वे अपनी बहन से प्रेरित होकर नगर सेना में शामिल हुईं। उनके पिता बोचो राम महतो ने कहा कि बेटी की यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण है।

‘हम समाज और देश के लिए तैयार
इसी तरह सरस्वती चौहान, जिन्होंने एम.कॉम. और कंप्यूटर की शिक्षा प्राप्त की है, ने बताया कि 45 दिनों का प्रशिक्षण अत्यंत कठोर था। प्रतिदिन आठ घंटे की ड्यूटी के दौरान अनुशासन, आत्मरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा अब हम समाज और देश के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
रेशमा भगत ने दूसरे प्रयास में पाई सफलता
ग्राम पंडरीपानी की रेशमा भगत ने बताया कि उन्होंने दूसरे प्रयास में नगर सैनिक की परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए गर्व और प्रेरणा दोनों है।
नगर सेना: अनुशासन और सेवा का प्रतीक
अधिकारीगणों ने अपने संबोधन में कहा कि नगर सेना न केवल आपदा राहत, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और अनुशासन की भावना को भी सशक्त करती है। उन्होंने सभी नवनियुक्त महिला नगर सैनिकों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

