
न्यूज 27, रायपुर : नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास किया गया। प्रदेश के पहले डाटा सेंटर कैंपस के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भूमिपूजन किया। इस अवसर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और वित्त, आवास पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से स्थापना के लिए उद्योग आ रहे हैं, यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर का लोकार्पण हो जाए।
रैकबैंक के फाउंडर व सीईओ नरेंद्र सेन ने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ में भारत के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क के निर्माण को गति देना हमारे लिए बहुत सम्मान और गर्व की बात है। भारत में एआई की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए यह एक बड़ा कदम है। रेकबैंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडियाए आई मिशन का पूरा समर्थन करता है, जिसका उद्देश्य भारत को एआई के क्षेत्र में दुनिया का लीडर बनाना है। रायपुर में स्थापित किया जा रहा यह नया विश्व स्तरीय एआई डाटा सेंटर पार्क उन्नत इंफ्रास्ट्रक्बर और इनोवेशन को बढ़ावा देगा, जिससे न सिर्फ देश की डिजिटल तरक्की तेज़ होगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। नया डाटा सेंटर भारत की जीपीयू कम्प्यूटिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करके एआई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करेगा और कंपनियों को कम लागत में ज्यादा फायदा पहुंचाएगा। यह कैंपस शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग का केंद्र बनेगा।
200 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
एआई डाटा सेंटर की स्थापना से 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। जब कोई उद्योग लगता है तो रोजगार के कई दूसरे अवसर भी सृजित होते हैं। एआई डाटा सेंटर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। इससे एआई पर चलने वाले कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।
1,000 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश
13.5 एकड़ में फैले इस अत्याधुनिक एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण 1,000 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से किया जा रहा है। जिसे अगले पांच वर्षों में 3,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। इस सेंटर में एक लाख जीपीयू और 80 मेगावाट पावर को संभालने की क्षमता होगी। इसका उद्देश्य उन्नत एआई वर्कलोड्स की बढ़ती माँग को पूरा करना है और यह देश के डिजिटल प्रगति की नींव को मजबूत करने का काम करेगा।
चार चरण में होगा निर्माण
नए एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण चार चरणों में होगा, जिसमें पहले चरण में 80 मेगावाट की क्षमता होगी, जो चौथे चरण में बढ़कर 160 मेगावाट हो जाएगी। यह पार्क उन्नत लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा, जिसमें डायरेक्ट-टू-चिप और वरुण लिक्विड इमर्शन कूलिंग सिस्टम शामिल है। यह सिस्टम रेकबैंक की इन-हाउस विकसित और पेटेंट की गई तकनीक है, जो पॉवर के उपयोग को अनुकूलित करता है और ऊर्जा कुशलता को बढ़ाता है। इस तकनीक से पारंपरिक कूलिंग विधियों की तुलना में कूलिंग लागत में 70% तक की कमी आती है, जो कि एक बड़ा सुधार है।

