सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर बना पहचान
जशपुरनगर। नगर में इन दिनों गणेश उत्सव का उल्लास चारों ओर देखने को मिल रहा है। नीर शाश्वत संगम युवा समिति पुरानी टोली द्वारा आयोजित गणेश महोत्सव श्रद्धालुओं के बीच आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। समिति पिछले लगातार 20 वर्षों से गणेश उत्सव का आयोजन कर रही है और इस वर्ष भी पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालु इसमें शामिल हो रहे हैं।
प्रतिदिन कीर्तन से भक्तिमय वातावरण
समिति के आयोजक डॉ. लीलाम्बर सिंह ने बताया कि प्रतिदिन शाम को कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से वातावरण में भक्ति की मधुर ध्वनि गूँजती है। हर आयु वर्ग के लोग इसमें भाग ले रहे हैं। युवाओं से लेकर वृद्धजन तक श्रद्धा और भक्ति में लीन होकर भगवान गणेश की आराधना कर रहे हैं। इस आयोजन में विशेष रूप से समिती के सदस्य मिलिन सिंह,प्रतिक सिंह,नवनीत सिंह,सौरव सिंह,चित्रांस मिश्रा,राममोहन मिश्रा,दीपक मिश्रा, मुरारी यादव,नितेस कंसारी,आकाश कंसारी ,हर्षित नंदे,चिराग नंदे,योगेस रवानी ,अनुज रवानी एंव अन्य सदस्य का योगदान रहा।
रविवार को भंडारे का आयोजन
आयोजन के तहत विगत रविवार को भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
समिति का मानना है कि सामूहिक आयोजन से न केवल धार्मिक भावना प्रबल होती है, बल्कि आपसी भाईचारा भी बढ़ता है।
सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता का संदेश देते हैं। गणेश उत्सव से लोगों को जुड़ने और एक-दूसरे के साथ सहयोग की भावना को मजबूत करने का अवसर मिलता है। खासकर युवा वर्ग समिति के माध्यम से सेवा और सहयोग के भाव को सीख रहा है।
श्रद्धालुओं में उत्साह
आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रतिदिन कीर्तन और पूजा से उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है। “भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं, उनके आशीर्वाद से जीवन में आने वाली हर कठिनाई दूर होती है,” ऐसा श्रद्धालु भावुक होकर कहते हैं।
परंपरा का संजोना
गणेश उत्सव समिति ने बीते दो दशकों से इस परंपरा को जीवित रखा है। डॉ. लीलम्बर सिंह का कहना है कि आने वाले वर्षों में भी इसे और भव्य रूप में मनाया जाएगा। यह उत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर भी नगर की पहचान बन चुका है।

