
रायपुर, 30 जून 2025।प्रदेश के महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी लगातार गहराती जा रही है। उच्च शिक्षा संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 जून 2025 की स्थिति में सहायक प्राध्यापक के कुल 3,058 पद रिक्त हैं। विषयवार आंकड़े बताते हैं कि अनेक संकायों में बड़े पैमाने पर खाली पदों के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सबसे अधिक रिक्तियां वाणिज्य विषय में 288 पदों की हैं। यह स्थिति विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश के अधिकांश महाविद्यालयों में वाणिज्य संकाय में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा हिन्दी में 206, अंग्रेजी में 195, गणित में 191, रसायन शास्त्र में 189 और भौतिक शास्त्र में 167 पद खाली हैं। यह विषय उच्च शिक्षा के मूल आधार माने जाते हैं और इनकी कमी से शिक्षण स्तर पर सीधा असर पड़ रहा है।
समाजशास्त्र (158), वनस्पतिशास्त्र (160) और प्राणीशास्त्र (165) विषयों में भी बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। वहीं, इतिहास (66) और भूगोल (98) जैसे लोकप्रिय विषयों में भी पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
दूसरी ओर, कुछ विषयों में बहुत ही कम पद रिक्त हैं। टसर टेक्नोलॉजी और एम.सी.ए. में केवल 1-1 पद, औद्योगिक रसायनशास्त्र, प्राचीन भारतीय इतिहास और दर्शनशास्त्र में 2-2 पद, मानवशास्त्र में 3 पद तथा संस्कृत में 4 पद रिक्त हैं। संगीत, लोक प्रशासन और मनोविज्ञान जैसे विषयों में भी रिक्तियों की संख्या 8 से 12 के बीच है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती रिक्तियों से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ता है बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अध्यापकों की अनुपलब्धता के कारण कई जगह अतिथि शिक्षकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतरता प्रभावित होती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग जल्द ही नए भर्ती विज्ञापन जारी करने की तैयारी कर रहा है। विभाग का मानना है कि रिक्तियों की भर्ती होने से न केवल शिक्षण गुणवत्ता में सुधार आएगा, बल्कि महाविद्यालयों में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

