प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नन्हें लाभार्थियों से की आत्मीय बातचीत, बच्चों ने साझा किए अपने सपने

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशभर के नन्हें लाभार्थियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान बच्चों ने प्रधानमंत्री से अपने जीवन के अनुभव और सपने साझा किए। प्रधानमंत्री ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “सच बोलने से हमेशा फायदा होता है” और जीवन में आगे बढ़ने के लिए स्वस्थ शरीर और अनुशासित जीवन जरूरी है।

एक नन्हीं बच्ची ने बताया कि वह कक्षा सातवीं में पढ़ती है और उसका ऑपरेशन हुआ था। उसने कहा कि बड़ी होकर वह टीचर बनना चाहती है ताकि गरीब बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाकर देश की प्रगति में योगदान दे सके। प्रधानमंत्री ने मुस्कराते हुए कहा — “तो आप टीचर का सर खाती रहती हो?” — जिससे पूरे माहौल में हंसी और अपनापन छा गया।

प्रधानमंत्री ने बच्चों को सत्य साईं बाबा के शताब्दी वर्ष की जानकारी देते हुए जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा — “साईं बाबा ने 400 गांवों में पानी पहुंचाया था, यह हमें सिखाता है कि हमें भी पानी बचाना चाहिए और पेड़ लगाना चाहिए। मैं एक अभियान चलाता हूं — एक पेड़ मां के नाम। हर किसी को अपनी मां के नाम एक पेड़ लगाना चाहिए, ताकि धरती मां और अपनी मां दोनों का कर्ज चुकाया जा सके।”

वेस्ट बंगाल से आए नन्हें अभिक ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह बड़े होकर आर्मी ऑफिसर बनना चाहता है और देश की रक्षा करना चाहता है। प्रधानमंत्री ने मुस्कराकर कहा — “देश की सेवा करोगे? पक्का?” अभिक ने आत्मविश्वास से जवाब दिया — “हां, क्योंकि सिपाही हमारी रक्षा करते हैं, मैं भी रक्षा करना चाहता हूं।” प्रधानमंत्री ने उसकी सराहना करते हुए कहा — “वाह, बहुत अच्छा!”

बातचीत के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने सभी बच्चों को जीवन में अनुशासन और स्वास्थ्य का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, “कोई भी अच्छा काम करने के लिए हमारा शरीर सबसे बड़ा साधन है। इसलिए योग, नींद और स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को साकार करें और देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें।

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