बाल विवाह उन्मूलन समाज में जागरूकता संकल्प


रायपुर।बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर के नेतृत्व में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वेंकटेश होटल, रायपुर में दिनांक 15 दिसंबर 2025 को संपन्न हुई।

कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी यशपाल तथा समाजसेवी सुश्री पल्लवी मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यशाला के प्रथम सत्र का संचालन डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें विषय विशेषज्ञ शशांक शर्मा ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों, संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं बच्चों के अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

द्वितीय सत्र में डॉ. श्वेता सोनवानी एवं डॉ. निकिता पवार ने बाल विवाह के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कम उम्र में गर्भावस्था से उत्पन्न जटिलताओं, मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर तथा कुपोषण के दुष्चक्र के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यशाला के दौरान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी यशपाल द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकने हेतु शपथ भी दिलाई गई।

कार्यक्रम में महिला पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलंटियर तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समापन अवसर पर संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थागत देखरेख) संजय निराला ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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