
जशपुर। जादू टोना के आरोप में महिला से मारपीट और घसीटकर शमशान ले जाने वाली घटना में जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एएसआई सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत ग्राम भिंजपुर का है। सभी आरोपियों पर बीएनएस की धारा 296, 351(2), 115(2), 333, 190, 191(2) व टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4, 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में चार पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। इनकी पहचान गायत्री भगत (30), फूलचंद भगत (55), विष्णु भगत (45), अनिता भगत (40), रमेश भगत (45), ललिता भगत (40), अंजना मिंज (35) और तेलेस्फोर मिंज (50) निवासी ग्राम भिंजपुर के रूप में हुई है।
पुलिस की जानकारी अनुसार घटना 8 नवंबर की सुबह तब हुई जब फौसी बाई (53) घर में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। तभी आरोपी उसके घर के बाहर गाली गलौज करते हुए धमकाने लगे। दरवाजा न खोलने पर आरोपी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और गायत्री भगत ने फौसी बाई को टोनही बताते हुए उस पर अपनी मां सुनीता भगत की मौत का आरोप लगाया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के बाल पकड़कर घसीटा और उसे शमशान ले जाने की कोशिश की। हल्ला सुनकर उसके बच्चों ने पहुंचकर उसे बचाया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फूलचंद भगत, जो रायपुर में सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदस्थ है, अपनी मृत पत्नी सुनीता भगत को बैगा के कहने पर जिंदा कराने के बहकावे में आ गया था। बैगा और उसके साथियों ने शमशान में तंत्र-मंत्र कर यह दावा किया था कि सुनीता की मौत फौसी बाई द्वारा किए गए जादू-टोना से हुई है। इसी विश्वास में आकर आरोपियों ने पीड़िता पर हमला किया। बैगा और उसके साथी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू सहित मोहन बंजारे, चंपा पैंकरा, अकबर चौहान, बसनाथ साहनी, विनोद राम, सपना इंदवार और रीना केरकेट्टा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि किसी को टोनही कहना और जादू-टोना के नाम पर हिंसा करना कानूनन जुर्म है। पुलिस ने ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए ग्रामीणों से अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की है।

