छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा तोड़फोड़ को लेकर आक्रोश

रायपुर, 28 अक्टूबर 2025। मंगलवार को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर राज्योत्सव से पूर्व शांति पूर्वक रायपुर महाबंद की घोषणा की । जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल ने बताया हाल ही में रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित वीआईपी मार्ग पर स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की भव्य प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना राज्य की अस्मिता और आस्था पर सीधा आघात है। उन्होंने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश बताया है। बघेल ने कहा है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह घटना 23 अक्टूबर के आसपास दिनदहाड़े घटित हुई, जिसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को पहले से थी। बावजूद इसके प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की, जिससे संदेह गहराता है कि कहीं यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा तो नहीं।
छत्तीसगढ़ की अस्मिता को चोट
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल ने कहा कि बीते कुछ वर्षों से लगातार छत्तीसगढ़ की पहचान और प्रतीकों को निशाना बनाया जा रहा है। कभी गुरुबाबा घासीदास जी का चित्र अपमानित किया जाता है, तो कभी शहीद वीरनारायण सिंह जी, डॉ. खूबचंद बघेल या अन्य पुरखों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ की जाती है। इन सभी घटनाओं में एक ही पैटर्न स्पष्ट दिखाई देता है । यह छत्तीसगढ़ की अस्मिता और स्वाभिमान को चोट पहुंचाने का प्रयास हैं।
प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही
पार्टी के अनुसार तेलीबांधा जैसी संवेदनशील और व्यस्त जगह पर स्थापित विशाल प्रतिमा के आसपास सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद अब तक न तो अपराधियों की पहचान हुई है, न ही पुलिस ने कोई ठोस जानकारी साझा की है। इससे यह संदेह और गहराता है कि कहीं प्रशासनिक स्तर पर भी लापरवाही या दबाव तो नहीं है। इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। राज्योत्सव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अपमान छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं को गहराई से आहत करता है। इसी पृष्ठभूमि में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने राजधानी रायपुर में 31 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को शांतिपूर्ण ‘रायपुर महाबंद’ का आह्वान किया है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल ने कहा यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि हमारी माटी, मातृभाषा और महतारी के सम्मान की रक्षा के लिए है। छत्तीसगढ़ की आत्मा को अपमानित करने वालों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
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