• एस पी कर्मचारियों समेत छात्र -छात्राओं ने सामूहिक राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाया
• शांति भवन स्कूल के छात्रों ने दी प्रस्तुति
जशपुर नगर। भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रविवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर देशभक्ति की धुनों से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम की बैंड प्रस्तुति से हुई, जिसे शांति भवन, जशपुर की बैंड पार्टी के विद्यार्थियों ने पेश किया। सुमधुर धुनों ने पूरे परिसर में एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जीवंत कर दिया।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों, कर्मचारियों और स्कूली छात्रों ने ससम्मान वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया। एसएसपी सिंह ने इस क्षण को मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक बताया।
एसएसपी ने की सराहना
एसएसपी सिंह ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा, “वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, एकता और समर्पण का जीवंत प्रतीक है। 150 वर्ष पूर्व लिखा गया यह गीत आज भी हमें हमारी जड़ों और कर्तव्यों से जोड़ता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमित अभ्यास और कौशल विकास के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के समापन पर एसएसपी द्वारा शांति भवन बैंड पार्टी के विद्यार्थियों को प्रशंसा-पत्र और शुभकामनाएं प्रदान की गईं। इसके बाद एक बार फिर सामूहिक वंदे मातरम का गायन किया गया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के जज़्बे और गर्व से भर उठा।
वंदे मातरम का इतिहास
वंदे मातरम की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 में की थी। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लाखों भारतीयों के लिए प्रेरणा बना और आज भी राष्ट्रभक्ति, बलिदान और मातृभूमि के सम्मान का प्रतीक है। इसी गौरवशाली 150वीं वर्षगांठ को नमन करते हुए जशपुर पुलिस ने इस आयोजन के माध्यम से अपनी निष्ठा और कर्तव्यभाव को प्रकट किया।
कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

