समूहों में अभद्र, आपत्तिजनक या भेदभावपूर्ण पोस्ट कानूनन अपराध
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।साइबर सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक ग्रुप्स के एडमिन्स को चेतावनी दी है कि समूहों में किसी भी प्रकार की अभद्र, आपत्तिजनक या भेदभावपूर्ण पोस्ट की अनुमति देना कानूनन अपराध है। विभाग ने कहा कि ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने बताया कि आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अभद्र सामग्री प्रसारित करने पर तीन वर्ष तक की सजा व जुर्माना का प्रावधान है, जबकि धारा 66A में धमकी या अपमानजनक संदेश भेजना अपराध माना गया है। इसी तरह आईपीसी की धारा 153A, 295A, 500 और 505(2) में धार्मिक या सामाजिक आधार पर नफरत फैलाने, किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने और अफवाह फैलाने जैसे मामलों पर सख्त सजा का प्रावधान है।
एडमिन्स को सलाह
साइबर सेल ने एडमिन्स को सलाह दी है कि वे ग्रुप में “Only Admins Can Send Messages” मोड का उपयोग करें, किसी भी अभद्र पोस्ट को तुरंत हटाएँ, संबंधित सदस्य को बाहर करें और आवश्यक होने पर मामले की सूचना नज़दीकी पुलिस थाना या साइबर सेल को दें।
विभाग ने कहा कि सोशल मीडिया संवाद और जनजागरूकता का माध्यम है, इसे नफरत या अपमान फैलाने के लिए इस्तेमाल न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गलत पोस्ट पर चुप्पी भी एडमिन की जिम्मेदारी तय कर सकती है।
पुलिस विभाग की अपील
“सोशल मीडिया को संवाद और जागरूकता का माध्यम बनाएं, नफरत और अपमान का नहीं।”
साइबर सेल, गौरेला–पेंड्रा–मरवाही

