14वें दिन उग्र हुआ कर्मचारी आंदोलन, अर्धनग्न प्रदर्शन

रायपुर। प्रदेशभर के दैनिक, संविदा और नियमित कर्मचारियों का लंबा चल रहा आंदोलन रविवार को 14वें दिन और तीव्र हो गया। शासन की ओर से किसी ठोस पहल के अभाव में कर्मचारियों ने सभी संभागों में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया।

कर्मचारी संगठनों ने घोषणा की है कि 17 नवंबर को पूरे प्रदेश में सामूहिक इस्तीफे संभाग आयुक्तों के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे। इसके बाद 18 नवंबर को ‘जेल भरो’ अभियान चलाया जाएगा।
नेताओं का आरोप है कि कई जिलों में आंदोलन को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा दमनात्मक कार्रवाई, पदाधिकारियों को हटाने और पुलिस हस्तक्षेप की कोशिशें की जा रही हैं।

आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि यह संघर्ष अब “आर-पार” का रूप ले चुका है। कर्मचारियों पर ESMA लागू करने की चेतावनी दिए जाने पर भी उन्होंने कहा कि यह कानून समिति कर्मचारियों पर लागू नहीं होता और सरकार अनावश्यक दबाव बना रही है।

उधर, धान खरीदी प्रक्रिया भी आंदोलन की वजह से प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने और अधिकारियों द्वारा सहयोग नहीं मिलने से 17 नवंबर को धान खरीदी ठप रहने की आशंका जताई गई है।


नरेंद्र कुमार साहू, ईश्वर श्रीवास, ऋषिकांत मोहरे, संतोष साहू, जागेश्वर साहू, गोविंद मिश्रा, गिरधर सोनी, अजय साहू, भोला यादव, कमलकांत पाटनवार, रामकुमार वर्मा, पोषण धुरंधर, जयकुमार सपहा आदि ने संयुक्त रूप से बताया कि कर्मचारी पूरी मजबूती के साथ आंदोलन स्थल पर प्रदेश पदाधिकारियों डटे हुए हैं।

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