रायपुर (News27) 10.05.2024 । प्राइमरी स्कूलों में पदस्थ बीएड पास सहायक शिक्षकों पर पदमुक्त किए जाने का दोधारी तलवार लटक गया है। दरअसल छत्तीसगढ में 3 हजार से ज्यादी बीएड पास सहायक शिक्षकों को छह सप्ताह के भीतर पदमुक्त किए जाने का निर्णय बिलासपुर हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को ही जारी कर दिया था। बीएड के प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों के समक्ष नौकरी का संकट पैदा हो गया हैं परन्तु हाईकोर्ट के फेसले के अनुरूप लोक शिक्षण संचालनालय ने पदमुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी हैं। ऐसे में अपनी योग्यता को लेकर उन्हें पदमुक्त नहीं करने को न्यायसंगत नहीं माना है। इस मामले को लेकर सहायक शिक्षकों ने उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के बाद सहायक शिक्षकों ने बताया उच्च शिक्षा मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में स्टे दायर करने की बात करते हुए विधिक सहायता का आश्वासन दिया है। इससे पहले प्राइमरी स्कूलों में पदस्थ बीएड शिक्षकों को नौकरी निकाले जाने के मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने कहा था कि अभी बीएड अभ्यर्थी सहायक शिक्षकों को नहीं निकाला जाएगा। मझधार में अटके सहायक शिक्षकों ने कोर्ट के फैसले का स्वीकारा है परन्तु वे पदमुक्ति पर रोक लगाते हुए उन्हें बहाल रखे जाने के कवायद प्रारंभ कर दिए है क्योंकि सरकार के समक्ष सभी को रोजगार देने का सवाल है उनके लिए कोई न कोई रास्ता जरूर निकालेगी।
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