अयोध्या में लौटा त्रेतायुग, रामलला स्थापना के बाद इस रामनवमी में बन रहा है भगवान श्रीराम के जन्म समय का मुहुर्त

सुबह साढ़े तीन बजे खुले मंदिर के कपाट, 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक
रायपुर (News27) 17.04.2024 ।
अयोध्या में राम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह पहला रामनवमी है। दोपहर 12 बजे सूर्यवंशी रामलला का स्वयं भगवान सूर्य ने अपनी प्रथम किरणों से तिलक किया। मानो अध्योध्या में त्रेतायुग पुनः लौट आया हो। भगवान श्रीराम जी भव्य मंदिर का कपाट सुबह साढ़ें तीन बजे भक्तों के लिए खुल गया था। सुबह से भक्तों की भीड़ भगवान के दर्शन हेतु उमड़ पड़ें थे जो आज रात 12 तक रामलला के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान भगवान श्रीरामचन्द्र जी का विशेष साज-श्रृंगार किया गया, उन्हें दुग्ध, दही पंचगव्य से स्नान कराने के पश्चात माथे पर चंदन का लेप लगया गया। फूलों का दिव्य हार अर्पित किया गया। जानकारी अनुसार सुबह तक लगभग 8 बजे तक 6 लाख भक्तों ने रामलला के दर्शन किए। वर्ष 2024 का रामनवमी बेहद खास है क्योंकि राममंदिर निर्माण और भगवान श्रीराम चन्द्र जी की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह साल का पहला रामनवमी है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब भगवान राम पैदा हुए तो सूर्य और शुक्र अपनी उच्च राशि में थे। चंद्रमा खुद की राशि में मौजूद थे। 2024 की रामनवमी पर भी ऐसा ही हो रहा है। शयन आरती के बाद रात साढ़े बजे रामलला के कपाट बंद किए जाएंगे।
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