रायपुर (News27) 06.05.2024 । समाचार का जो टैग लाईन है, लड़की हूं लड़ सकती हूं पर लड़की की इज्जत के लिए नहीं लड़ सकती…यह लाईन किसी ने कहीं नहीं, हां किसी के पूर्व में कहे गए बातों से उक्त लाईन के कुछ शब्द मिलते जरूर हो सकते हैं। वर्तमान में यह लाईन कांग्रेस नेत्री राधिका खेड़ा कह रहीं हैं कि यह तो सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा देना आसान था, लेकिन जब अपनी ही पार्टी की एक नेता के लिए लड़ने की बात आई, उसे न्याय दिलाने की बात आई तो प्रियंका जी ने कुछ नहीं किया। ज्ञात हो कि उन्होंने अपने ट्वीट पर इस्तीफा की जानकारी सार्वजनिक की है। ऐन लोकसभा चुनाव में कांग्रेसी नेत्री द्वारा लगाये गए सनसनीखेज आरोप को लेकर कांग्रेस में कितनी खलबली मची है यह तो पार्टी के लोग ही जाने, परन्तु जहां तक करीबियों के दावे की बात की जाये तो कांग्रेस में इस बखेड़े को लेकर कोई खलबली नहीं मची है, ना लोकसभा में इसके पड़ने वाले किसी प्रभाव को लेकर ना ही इससे किसी नेता पर आंच आने को लेकर चिंता है, क्योंकि प्रभावित तो वे तीन होंगे जिन पर राधिका खेड़ा ने आरोप लगाये है, बेमौसम की बारिश का गाज उन पर गिरना है। राधिका खेड़ा के अनुसार उन्होंने जब इसके बारे में पार्टी के शीर्ष नेताओं को जानकारी दी, तब आरोपी नेताओं के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधीए मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश तक सबको इस आपत्तिजनक घटना के बारे में बताया गया, लेकिन आरोपी नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद हताश होकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया। लड़की हूं लड़ सकती हूं, पर किससे और किस-किससे लड़ना है? यहां तो सब अपने हैं और अपनों से लड़ा नहीं जाता। ऐसे में किसी को तो पराया होना ही था, तो राधिका खेड़ा ने ही इस्तीफा देकर यह कदम उठा लिये।
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