ईलाज के दौरान बच्ची को दोनों हाथ गवाना पड़ा
बच्ची के मामा ने ट्रक को मोटरसाइकल से पीछा कर पकड़ा
जशपुर। शनिवार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवारों को मारी टक्कर वही स्कूटी सवार सड़क पर गिर गई । जिसमें ट्रक का पिछला चक्का बच्ची के दोनों हाथों पर चढ़ गया। जिसे तत्काल ईलाज के लिए सुंदरगढ़ अस्पताल में प्राथमिक उपचार कर रायपुर रेफर कर दिया गया। घटना तपकरा लावाकेरा मुख्य मार्ग में हुआ था ।जानकारी के मुताबिक दिलेश्वर छतरिया बेटियां श्रुति छतरिया (12) गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के यहां सांको (कोतेबीरा) फरसाबहार गई थी। एकलव्य आवासीय विद्यालय के लिए उसका प्रतियोगी परीक्षा 19 मई को था। उसके पिता दिलेश्वर छतरिया ससुराल अपने पुत्र को छोड़ने और बेटियां को लाने के लिए सांको कोतेबीरा गये थे। उसके बाद अपने गृह ग्राम पेरवांआरा जो साको से लगभग 16 किलोमीटर दूर है दोनों मां बेटी गये थे फोन में दिलेश्वर की बात हुई। बेटियां श्रुति छतरिया और उसकी मां पेरवाआरा से साको आ रहे थे। शाम ढल रहा था । जंगली ईलाका होने के कारण दिलेश्वर छतरिया को चिंता सता रही थी। वह फोन पर बात कर ढूंढने निकले रास्ते में पत्नी व पुत्री से पुत्र उत्कर्ष छतरिया व भांजा सहित समडमा गांव में मुलाकात हो गई।
अपने पुत्र के साथ दिलेश्वर मोटरसायकल में तथा पुत्री और मां स्कूटी से साको आ रहे थे। इस दौरान आगे बेटियां श्रुति व मां, पीछे पिता और पुत्र थे। वहां से चढ़ान ,उतरान काफी है। साको मोड़ कोतेबीरा में शाम 6 .30 बजे कोयले से भरा ट्रक काफी रफ्तार में ओभर टेक करते हुए सड़क पार करते हुए स्कूटी सवार श्रुति व मां चन्द्रावती छतरिया को पीछे से टक्कर मार दिया। सड़क पर गाड़ी समेत 12 वर्षीय बालिका श्रुति छतरिया व उसकी मां गिर गई। जिसमें बालिका के दोनो हाथ ट्रक की चपेट आ गया। जिसकी जानकारी दिलेश्वर ने अपने सालों को दिया। ट्रक का पीछा करते हुए वह अमडीहा ढाबा पहुचें।
सबूत मिटा रहा था,पुलिस ने धरदबोचा
एक्सीडेंट के बाद चक्के में खून लगे थे ।वहां आरोपी ट्रक चालक सबूत मिटाने के लिए ट्रक रोककर अमडीहा ढाबा के पास गाड़ी धो रहा था। शक के आधार में पूछताछ करने पर ट्रक चालक गुनाह छिपा रहा था। पुलिस को सूचना दे दी गई थी मौके पर पुलिस पहुंचकर कड़ाई से पूछताछ की आरोपी ने गुनाह कबूला,जिसे गिरफ्तार कर तपकरा थाना लाया गया। वही ट्रक को पुलिस ने कब्जे में लिया ।उधर बालिका को निजी वाहन से तुरंत ईलाज के लिए सुंदरगढ़ अस्पताल ले गए वहां से उसे बेहतर ईलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। जहां उसका मेकाहरा में ईलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया आगे के ईलाज में काफी पैसा लगना है उसे कृत्रिम अंगो की जरूरत है। बालिका के पिता दिलेश्वर छतरिया मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। वह शासकीय एन ई एस कॉलेज में लैब टैक्नीशियन के पद कार्यरत है। उनके दो बच्चें हैं एक 13 साल का लड़का उत्कर्ष और श्रुति 12 साल की लड़की । उत्कर्ष जवाहर नवोदय कुनकुरी और बालिका जशपुराचल इंग्लिश स्कूल में छठवीं कक्षा में पढ़ती थी। इस हादसे से छतरिया परिवार बहुत चींताग्रस्त और परेशान है।
मां को आई हल्की चोट
ट्रक की ठोकर से मां सड़क के किनारे गिर गई वहां उनको मामूली घुटनों पर चोट आई है वह पूरी तरह सुरक्षित है। वही हादसे में बालिका के सिर हाथ ,छाती, चहरा, व जबड़ा टूट गया है। इस घटना में मां, बेटी दोनों की जान बच गई लेकिन
श्रुति छतरिया की एक्सीडेंट में दोनों हाथ डैमेज हो गया । जिसे डॉक्टरों द्वारा बेहतर ईलाज किया गया। भविष्य की परेशानी व सुरक्षा को देखते हुए डॉक्टरों ने श्रुति छतरिया के दोनों हाथ काट दिए। समस्या इतनी बढ़ चुकी थी की अगर एक हाथ नही काटे जाते तो उसमें मवाद निकलने समेत कई बीमारी आती । हालाकि अब वह खतरे से बाहर है लेकिन उसे अपना दोनों हाथ गवाना पड़ा।
सोशल मीडिया में हुआ वायरल,सहयोग की अपील
बालिका के पिता दिलेश्वर छतरिया ने अपने सोशल एकाउंट पर अपनी बेटियां श्रुति छतरिया की फोटो अपलोड कर हादसे की जानकारी देकर अपना दर्द साझा किया । उनसे जुड़े लोगों ने संवेदना जताते हुए बालिका के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया। और आमजनों से ईलाज के लिए सहयोग की अपील की है।
भुइयां समाज ने सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन
भुइयां समाज कल्याण समिति ग्राम गायलूँगा, बच्छरांव, तह. बगीचा, जिला जशपुर ने श्रुति छतरिया के बेहतर ईलाज के सहयोग के लिए मुख्यमंत्री से उम्मीद जताया है। समाज के लोगों ने
निज सहायक आकाश गुप्ता को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा है। उन्होंने श्रुति के लिए बेहतर ईलाज के लिए मांग की है। मुख्यमंत्री के निज सहायक तुलसी कौशिक ने श्रुति छतरिया के एक्सीडेंट पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री साय के निर्देशन में श्रुति छतरिया का ईलाज होगा।

