
प्रभावी बोलने की कला वर्कशॉप का समापन
रायपुर (News27) 05.08.2024 । सुहिणी सोच और साहू व्यापार प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित स्पीच आर्ट में आज प्रभावी बोलने की कला के प्रशिक्षण कार्यशाला का तृतीय व अंतिम दिवस था । जिसमें प्रशिक्षक सी.ए. चेतन तारवानी ने लोगो को बताया स्पीच अलग-अलग प्रकार की होती है, जैसे किसी का परिचय देना, स्वागत भाषण, धन्यवाद ज्ञापन, श्रद्धांजलि , एंकरिंग करना ।
एक्सपर्ट चेतन तारवानी ने बताया कि स्वागत भाषण मैं अतिथियों का नाम पुकारते समय अपर टू लोअर फार्मूले का इस्तेमाल करना चाहिए किसी गेस्ट को मंच पर आमंत्रित करने से पहले उनकी खास क्वालिटी बतानी चाहिए कार्यक्रम का मकसद जरूर बताना चाहिए और संस्था की उपलब्धि तथा डिमांड का भी उल्लेख करना चाहिए । धन्यवाद भाषण के वक्त भी अपर टू लोअर फार्मूले का ध्यान रखना चाहिए । श्रद्धांजलि भाषण देते वक्त कभी भी कोई कमी नहीं निकालनी चाहिए जिससे आप कभी मिले ना हो उसके बारे में बोलने का जाए तो उनके बच्चों को आधार बनाते हुए शुरुआत करनी चाहिए हालांकि मेरी मुलाकात कभी बाउजी से नहीं हुई लेकिन उनके बेटे से मेरा परिचय रहा है और उनके संस्कार देखकर समझ जा सकता है कि वह कैसे व्यक्तित्व के धनी थे ।
लोगों को बताया कि स्पीच के दौरान शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान देना बहुत महत्व पर होता है –
इस मौके पर व्यापार प्रकाष्ठा के प्रेसिडेंट सूरज शाह जी ,शहर जिला साहू संघ वाइस प्रेसिडेंट रामबगस साहू जी,और प्रोग्राम डायरेक्टर मनोज साहू ,राजेश साहू,तथा सुहिणी संस्था की मार्गदर्शिका श्रीमती मनीषा तरवानी, अध्यक्ष दीक्षा बुधवानी, आई पीपी करिश्मा कमलानी व सेक्रेटरी पूनम बजाज भी शामिल थे! यह जानकारी संस्था की मीडिया प्रभारी कविता नारा ने दी।

