रायपुर। छत्तीसगढ़ सराफा के महासचिव प्रकाश गोलछा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते कहा है की पुलिस प्रशासन के जांच से सराफा व्यापारियों द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के बाहर क्षेत्रों से सोने चांदी के जेवर मॅँगवाए जाते है व छत्तीसगढ़ प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में अपने संबंधित स्टाफ व व्यक्तिर्यों द्वारा विक्रय करने व ऑ्डर लेने हेतु भेजा जाता है चूंकि पुलिस प्रशासन द्वारा जांच हेतु रोका जाता है । व्यापारी द्वारा संबंधित माल का दस्तावेज उपलब्ध भी करवा दिया जाता है लेकिन प्रिन्ट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में संबंधित व्यापारी को तस्कर या कर चोरी के उददेश्य से या जिसके पास रहता है उसे आरोपी आदि से संबोधित किया जाता है | किसी भी द्रष्टिकोण से न तो व्यापारी तस्करी और न ही किसी तरह के कर चोरी के उददेश्य से व्यापार करता है | जिसके पास से माल मिलता है वह या तो व्यापारी के स्वयं का रहता है या उनके फर्म का स्टॉफ होता है, लेकिन उनको सीधा आरोपी के रूप में संबोधित किया जाता है । सराफा व्यापारी कभी भी टेक्स चोरी के उद्देश्य से व्यापार नहीं करता है | जिसके पास से माल मिलता है तस्कर या आरोपी के नाम से संबोधित किये जाने से सराफा व्यापारियों की भावनाओ को ठेस पहुँचती है | व्यापारी वर्ग से शासन को आय प्राप्ति का साधन है। इन घटनाओं ने व्यापारिक क्षेत्र पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित कर दिया है, बावजूद इसके कि सीएसए ने अपने सदस्यों के किसी भी अवैध गतिविधियों में शामिल होने से इनकार किया है। सीएसए ने यह भी बताया कि व्यापारी पूरी पारदर्शिता और कानून के दायरे में रहकर अपने व्यापारिक कार्यों का संचालन कर रहे हैं। गोलेचा ने कहा कि कुछ मीडिया आउटलेट्स ने ठोस सबूत के बिना व्यापारियों को जल्दी से दोषी ठहराया है, जबकि इस तरह के दावों को सार्वजनिक किए जाने से पहले पूरी तरह से सत्यापित किया जाना चाहिए। सीएसए ने जनता और मीडिया से आग्रह किया कि इस तरह के संवेदनशील मामलों पर रिपोर्टिंग करते समय सावधानी बरतें, और ईमानदार व्यापारियों की छवि खराब न हो, इसके लिए सत्य को सनसनीखेज खबरों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

