सजल कि जान रहीं अनिता चौधरी कों नम आँखों से सजल सखियों ने दी श्रद्धांजलि
जशपुर नगर. सजल कि जान से सम्मानित समाज सेविका व शिक्षिका अनिता चौधरी अब इस दुनिया में नहीं रहीं. दीपावली के बीच शनिवार कों एक हादसे में उनका निधन हो गया. वह अपने पीछे पति समेत तीन बच्चे कों छोड़ गईं हैं.रविवार कों उनका अंतिम संस्कार जनकपुर में किया गया. शनिवार कों उक्त खबर सुनने के बाद सजल ग्रुप कि सदस्य मौके पर जिला चिकित्सालय पहुंचें और दुख कि घड़ी में साथ रहीं. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुका था.इस घटना पर सजल ग्रुप कि संस्थापिका ममता सिन्हा,समेत सदस्य ज्योति शाहनी, ज्योति श्रीवास्तव, सीमा गुप्ता, सरिता साहू, मंजुला झा, अभिलाषा गुप्ता, हेमा शर्मा, किरण महतो, रेखा सिंह,शशि साहू, रीना सोनी, अनिता गुप्ता, डाली कुशवाहा,कंचन सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया. सभी सदस्य उनके घर पर श्रद्धांजलि अर्पित कर लाल चुनरी ओढा कर उन्हें नम आँखों से अंतिम विदाई दिया .इस दौरान उन्होंने साथ बिताएं बीते लम्हों कों याद कर और भावुक हो गईं.. ज्ञात हो कि अनिता चौधरी कों टिचिंग के आलावा सामाजिक कार्यों में विशेष रूचि थीं. उनका निज निवास जनकपुर(कोरिया) में था.उन्होंने बी टेक कि शिक्षा उपरांत टिचिंग से जुड़ गईं. उनके पति शशि चौधरी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में सहायक ग्रेड 2 पर पदस्त हैं.उनका निवास जशपुर नगर के पाठक कॉलोनी (समिधा हॉस्टल रोड़ ) में था . वहीं घर पर अनिता चौधरी ने सैकड़ो छात्र -छात्राओं कों कोचिंग दिया . आज भले ही वह इस दुनियां में नहीं रहीं लेकिन उनके पढ़ाएं छात्र-छात्राएं शिक्षा जगत में नाम रोशन कर रहे हैं. सजल कि संस्थापिका ममता सिन्हा ने बताया बीते दिनों अनिता चौधरी कों सजल कि जान के नाम से सम्मानित किया गया था. अनिता चौधरी कि कमी हमेशा खलेगी. उनके साथ और बीते लम्हें हमेशा याद आएंगे.
सजल कि जान से हुई सम्मानित
ममता सिन्हा ने बताया उनकी मुलाक़ात अनिता चौधरी से हुई. समाज के प्रति उनकी रूचि कों देखते हुए उन्होंने सजल ग्रुप में बतौर सदस्य के तौर पर शामिल किया. किसी आयोजन के लिए वह तत्पर रहतीं थीं. सजल के सभी बैठकों में वह शामिल रहती थीं. वह सजल ग्रुप कि सक्रियत सदस्य थीं. उन्होंने कम समय में सजल के लिए उत्कृष्ट कार्य किया हैं.उन्हें सजल कि जान के नाम से सम्मानित किया गया हैं.

