
रायपुर (News27) 19.11.2024 । कांग्रेस ने मांग किया है सरकार स्थानीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम तत्काल घोषित करे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने अभी तक स्थानीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम को घोषित नहीं किया है। न ही वार्डो, निकाय अध्यक्षों, महापौरों के आरक्षण की प्रक्रिया को शुरू किया है। जबकि प्रदेश की अधिसंख्यक निर्वाचित निकायों का कार्यकाल दिसंबर के अंत तक समाप्त हो जायेगा, ऐसे में समय पर चुनाव कराने के लिये आवश्यक है कि चुनाव कार्यक्रम तुरंत घोषित किया जाये। चुनाव कार्यक्रम नहीं घोषित करने से साफ हो रहा सरकार की मंशा चुनावों को समय पर कराने की नहीं लग रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार हार के डर से स्थानीय निकायों के चुनाव को आगे बढ़ाना चाहती है। इसी संदर्भ में सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना जारी करके नगरीय निकायों के कार्यकाल को 6 माह बढ़ाने को अधिसूचित किया है। इस अधिसूचना के माध्यम से भाजपा सरकार लोकतंत्र का गला घोटने जा रही है। निर्वाचित निकायों का कार्यकाल दिसंबर अंत में समाप्त होते ही सरकार प्रशासक अथवा अपने प्रतिनिधियों को मनोनीत कर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बेदखल करेगी तथा सभी निकायों में सरकार अपनी मनमानी चलायेगी। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में जिस प्रकार से भाजपा के खिलाफ माहौल है, सरकार फिर से चुनाव में जाने का साहस नहीं दिखा पा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को पता है कि उसके पिछले 11 माह के कार्यकाल के कारण पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ आक्रोश है। यदि समय पर चुनाव हो जाते है तो भाजपा का नगरीय निकायों और स्थानीय निकायों में सफाया हो जायेगा इसीलिये सरकार ने निर्वाचित निकायों के कार्यकाल को 6 माह बढ़ाया है। संवैधानिक रूप से सरकार 6 माह से अधिक समय नहीं बढ़ा सकती इसलिये 6 माह ही बढ़ाया गया है। 6 माह बाद फिर से नई अधिसूचना जारी कर और समय बढ़ाया जायेगा। सरकार स्थानीय निकायों का चुनाव टालना चाहती है।
यह भी पढ़ें:-

प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान बेचने का टोकन देकर मात्र 16 क्विंटल धान खरीदना किसानों के साथ धोखा
गिरदावरी और अनावरी रिपोर्ट में धान का उत्पादन कम बताकर सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने से बचना चाहती
रायपुर (News27) 19.11.2024 । प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुंगेली के टेमरी धान खरीदी केंद्र में किसानों को प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान बेचने का टोकन देने के बाद मात्र 16 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदना। किसानों के साथ धोखा है। धान खरीदी के दूसरे दिन ही सरकार की धान खरीदी को लेकर तैयारी की पोल खुल गई है। सरकार गिरदावरी और अनावरी रिपोर्ट में गड़बड़ी कराकर किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने से बचना चाहती है। पहले ही किसानों का रकबा काट दिया गया अब अनावरी रिपोर्ट में भी उत्पादन कम बता कर दंडी मारा जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कई किसान ऐसे हैं जिनके पास स्मार्ट मोबाइल नहीं है जिन्हें मोबाइल ऐप से धान बेचने का टोकन लेने में दिक्कत जा रहा है और सोसाइटी में धान बेचने के लिए टोकन नहीं दिया जा रहा है धान बेचने के बाद किसानों को 3100रु क्विंटल की दर पर एक मुश्त भुगतान नहीं मिलने की शिकायत भी मिल रही है। धान खरीदी केंद्रों में भारी अव्यवस्था है। किसानों को गिरदावरी और अनावरी रिपोर्ट को पटवारी और तहसीलदार से सत्यापित कराने के लिए भटकाया जा रहा है जिन किसानों का रकबा काटा गया है उन्हें जोड़कर अभी तक पंजीयन नहीं किया गया है। जिसके चलते किसान धान बेचने से वंचित हैं।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है किसानों को मोबाइल ऐप के अलावा सहकारी समिति के माध्यम से भी टोकन दिया जाए। प्रति एकड़ 21 कुंटल धान खरीदा जाए। जिनका रकबा काटा गया है, उनको तत्काल जोड़कर धान बेचने पंजीयन किया जाए और धान के समर्थन मूल्य में हुई वृद्धि को मिलाकर प्रति क्विंटल 3217 रुपए का भुगतान किया तत्काल किया जाए।
———————————-

