अंबिकापुर का व्यवसायी भी शामिल, कोर्ट ने दी चेतावनी
कोरिया/मनेंद्रगढ़। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राजश्री पान मसाला को अमानक पाया और इसके बिक्री करने वाले दो व्यापारियों को 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। न्याय निर्णयन अधिकारी ने दोनों पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना तय किया और चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा ऐसा पाए जाने पर 10-10 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।
6 जून 2020 को तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी सागर दत्ता ने मनेंद्रगढ़ स्थित फर्म मेसर्स मुकेश कुमार अग्रवाल से राजश्री पान मसाला का सैंपल लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला रायपुर भेजा। प्रयोगशाला ने इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक करार दिया। इसके बाद फर्म ने गाजियाबाद फूड रिसर्च लैब में जांच कराई, जिसमें भी यह अमानक पाया गया।
18 मार्च 2023 को आरोपी गणपति शंकर लाल अग्रवाल (मनेंद्रगढ़) और अनिल कुमार चौरसिया (अंबिकापुर) न्यायालय में पेश हुए। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2) का उल्लंघन और धारा 57 के तहत यह कृत्य गंभीर है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता जांचें और संदेह होने पर तुरंत सूचना दें।

