
रायपुर, 27 सितंबर 2025.। राजधानी रायपुर के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार शाम लगभग 4:00 बजे गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड फैक्ट्री की पेलेट यूनिट में एक बड़ा हादसा हुआ। फैक्ट्री में लोहे का भारी ढांचा गिर गया, जिससे छह मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायल मजदूरों को राजधानी के देवेंद्र नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में फैक्ट्री के अधिकारी और हेल्पर शामिल हैं: जीएल प्रसन्ना, कलीगोटला प्रसन्ना कुमार, निराकर मलिक, घनश्याम घोरमड़े, तुलसीराम भट्ट और नारायण साहू।
हादसे के समय फैक्ट्री में मेंटेनेंस का काम चल रहा था और कई वरिष्ठ अधिकारी, डिप्टी लेवल कर्मचारी, फोरमैन और सफाई कर्मचारी मौजूद थे। इसमें छत्तीसगढ़, झारखंड और आंध्रप्रदेश के कर्मचारी भी शामिल थे। हादसे की भयावहता को देखते हुए आसपास के मजदूर और फैक्ट्री कर्मी घबराकर बाहर भागे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा सुरक्षा मानकों की सख्त जांच होगी।
इस घटना के मद्देनजर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कांग्रेस ने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और हादसे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए तत्काल छह सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति के संयोजक हैं धनेन्द्र साहू, जबकि सदस्य हैं छाया वर्मा, अनिता शर्मा, दीपक मिश्रा, नंदलाल देवांगन और उधोराम वर्मा।
जांच समिति को निर्देश दिया गया है कि वह प्रभावित फैक्ट्री का दौरा करे, कर्मचारियों और प्रबंधन से मुलाकात करे और अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को सौंपे। कांग्रेस ने कहा कि अगर हादसे में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर अभी भी प्रशासन और पुलिस की टीमें राहत-बचाव कार्य में लगी हैं। मृतकों और घायलों के परिजन फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा हैं, और अफरा-तफरी का माहौल है। स्थानीय लोगों और मजदूरों का कहना है कि इस फैक्ट्री में पहले भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन देखा गया है।
घटना ने औद्योगिक सुरक्षा के नियमों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

