बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) की याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि कर्मचारियों की टाउनशिप में दी जाने वाली बिजली आपूर्ति पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के लिए बिजली उपलब्ध कराना कंपनी की व्यावसायिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि एक कल्याणकारी सुविधा है।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि किसी कंपनी को टैक्स क्रेडिट का लाभ केवल उन्हीं वस्तुओं या सेवाओं पर दिया जा सकता है, जो सीधे तौर पर उसके व्यवसाय से जुड़ी हों। टाउनशिप को दी जाने वाली बिजली कंपनी की उत्पादन या बिक्री गतिविधि से संबंधित नहीं है, इसलिए इसे व्यावसायिक खर्च नहीं माना जाएगा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) नियमों में किया गया संशोधन पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। यानी पुराने मामलों में नए नियमों का लाभ कंपनियों को नहीं मिलेगा।
इस आदेश के बाद यह स्थिति साफ हो गई है कि कंपनियां अपने कर्मचारियों को गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए दी जाने वाली सुविधाओं — जैसे टाउनशिप बिजली, आवास या अन्य कल्याणकारी सेवाओं — पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर सकेंगी।
वित्तीय जानकारों का कहना है कि इस फैसले से कंपनियों को अब अपने खर्चों का वर्गीकरण और टैक्स रिकॉर्ड और अधिक स्पष्ट रखना होगा। अदालत का यह निर्णय भविष्य में ऐसे कई टैक्स विवादों के लिए दिशा तय करेगा और औद्योगिक संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर साबित होगा।

