सरकारी दफ्तर के 100 मीटर दायरे पर धरना–प्रदर्शन प्रतिबंध

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्यवाही


खैरागढ़। जिला खैरागढ़–छुईखदान–गण्डई के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल (IAS) ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के 100 मीटर दायरे में धरना, रैली, जुलूस और किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और 6 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंध अवधि बढ़ाने की संभावना भी जताई है।


कलेक्टर ने बताया कि संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में दिव्यांगजन, वृद्धजन और महिलाओं का लगातार आवागमन होता है। विभिन्न विभागों में काम के लिए आने वाले लोगों को बार-बार होने वाले धरना–प्रदर्शन, नारेबाजी और रैलियों से असुविधा हो रही थी। इसके साथ ही शासकीय कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। इसी कारण कार्यालय परिसर के चारों ओर 100 मीटर क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित किया गया है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 तथा भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत दंडनीय होगा, जिसके तहत संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश

प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस, सभा या नारेबाजी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा पाँच से अधिक लोगों का समूह प्रतिबंधित दायरे में एकत्र नहीं हो सकेगा। रैली या कार्यक्रम करने के इच्छुक किसी भी संगठन या व्यक्ति को कम से कम 48 घंटे पहले जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देना होगा, जिसमें कार्यक्रम का उद्देश्य, समय, स्थान, संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था का विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा। अनुमति केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर ही दी जाएगी।

आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, लाठी, डंडा, तलवार, भाला, फरसा, कुल्हाड़ी, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक या घातक सामग्री ले जाना पूरी तरह निषिद्ध है। पुलिस और सुरक्षा बल इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।

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