सिलघट में 108 कुंडीय विश्व कल्याण गायत्री महायज्ञ

संस्कारवान पीढ़ी के संकल्प के साथ ऐतिहासिक चार दिवसीय आयोजन


न्यूज 27, रायपुर. “आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी” के उद्देश्य को साकार करते हुए ग्राम सिलघट (भिभौरी), जिला बेमेतरा (छत्तीसगढ़) की पावन धरा पर 10 से 13 दिसंबर 2025 तक 108 कुंडीय विश्व कल्याण गायत्री महायज्ञ का भव्य चार दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन, अखिल विश्व गायत्री परिवार के सक्रिय सहयोग तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों और महिला बाल विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन के समन्वय से यह आयोजन अनेक कीर्तिमान स्थापित करते हुए क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बना।

एक वर्ष पूर्व से आरंभ की गई तैयारी का प्रतिफल यह रहा कि आयोजन के चारों दिन वातावरण यज्ञमय, भक्तिमय और शांतिमय बना रहा। प्रदेश भर से आए हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को जनआंदोलन का स्वरूप दिया।

प्रथम दिवस भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। बदना महादेव मंदिर भिभौरी से प्रारंभ हुई इस यात्रा में लगभग 6 हजार माताओं सहित 10 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही। भारतीय वीरांगनाओं के स्वरूप में सजी बालिकाएं, पारंपरिक वेशभूषा, वाद्ययंत्र और भक्तिमय संगीत यात्रा के प्रमुख आकर्षण रहे। छह किलोमीटर की यात्रा के उपरांत यज्ञशाला में ध्वजारोहण के साथ महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि एवं संतजन उपस्थित रहे।

द्वितीय दिवस देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या के मुख्य आतिथ्य और मार्गदर्शन में 108 कुंडीय महायज्ञ विधिवत प्रारंभ हुआ। अपने प्रवचन में उन्होंने व्यक्तित्व निर्माण, आत्मिक विकास और निःस्वार्थ सेवा को विश्व कल्याण का आधार बताया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 108 युगल जोड़ों द्वारा आहुतियां समर्पित की गईं, जिससे यज्ञशाला भक्तिभाव से ओतप्रोत हो उठी।

तृतीय दिवस गर्भ संस्कार (पुंसवन संस्कार) समारोह आयोजन का ऐतिहासिक पड़ाव रहा। महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से 1056 गर्भवती माताओं का सामूहिक गर्भ संस्कार संपन्न हुआ, जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इससे पूर्व वर्ष 2022 में 536 माताओं का रिकॉर्ड भी सिलघट में ही बना था। इस अवसर पर गर्भस्थ शिशु के संस्कार, मातृ स्वास्थ्य और सकारात्मक चिंतन पर विशेष संदेश दिया गया। पूर्व राज्यपाल रमेश बैस एवं संतजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

चतुर्थ एवं अंतिम दिवस विभिन्न संस्कारों के साथ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 93 जोड़ों का सामूहिक आदर्श विवाह संपन्न हुआ। वैदिक रीति से हुए इस विवाह समारोह में 50 हजार से अधिक लोगों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

चार दिवसीय आयोजन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध भोजन व्यवस्था भी उल्लेखनीय रही। अखिल विश्व गायत्री परिवार जिला बेमेतरा ने शांतिकुंज हरिद्वार, महिला बाल विकास विभाग, सहयोगी संस्थाओं, ग्रामवासियों और सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन संस्कार, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण बनकर स्मरणीय रहा।

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