तीन दिन घर में शव पड़ा रहा , किसी ने नही कि मदत
ईसाई में दुबारा नही जायेंगे कहा सर्व समाज ने कराई धर्म वापसी
BY. चैन सिंह गहने ।
धमतरी । नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोराई में धर्मांतरण को लेकर उत्पन्न विवाद का सामाजिक स्तर पर आपसी सहमति से समाधान किया गया। जानकारी के अनुसार, साहू समाज का एक व्यक्ति, जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहा था, उसने अपने पारंपरिक साहू समाज एवं हिंदू सनातन धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था और ईसाई पादरी द्वारा बताए गए मार्ग पर जीवन निर्वाह कर रहा था।
अंतिम संस्कार के लिये जगह नही मिली, शव लेकर आये घर
बुधवार शाम को लगभग 80 वर्षीय वृद्ध महिला का आकस्मिक निधन हो गया। परिवारजनों ने मृतका के अंतिम संस्कार की व्यवस्था ईसाई धर्म मानने वाले व्यक्तियों द्वारा नहीं हो पाने के कारण परिजन शव को ग्राम बोराई से लगभग 40 किलोमीटर दूर नगरी ले गए। वहां भी समुचित व्यवस्था न बन पाने पर परिजन विवश होकर शव लेकर घर लौटे। उनके घर में तीन दिन शव पड़ा रहा ,कोई मद्त के लिये समाने नही आया। मामला गर्म होने के बाद आला अधिकारी बोराई पहुँचे। स्थानीय पुलिस ने सर्व समाज को बुलाया। इस दौरान परिवारजनों ने कहा ईसाई में दुबारा नही जायेंगे तभी सर्व समाज ने धर्म वापसी कराई। हिंदू सनातन धर्म की परंपरा अनुसार अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हुए। शुक्रवार को सुबह 9 बजे अंतिम संस्कार बोराई में किया गया। इस दौरान ग्रामीण भारी संख्या में शमिल हुए।
हिन्दु धर्म में दुबारा आने के लिये लिखा पत्र
मरने के बाद अंतिम संस्कार के लिए स्थान नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित परिवार द्वारा ईसाई मजहब छोड़कर पुनः हिंदू धर्म में वापसी के लिए ग्रामीणों के समक्ष लिखित पत्र प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात साहू समाज एवं बोराई क्षेत्र के सर्व समाज के लोगों ने भाईचारे की भावना के साथ आपसी समझौता कर पुनः सामाजिक समरसता बनाए रखने का निर्णय लिया। जयंती बाई साहू, पति पुनारद साहू एवं उनके परिजनों ने सामाजिक परंपरा को स्वीकार करते हुए अंतिम संस्कार किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधिकारी मणिशंकर चंद्रा, एसडीओपी विपिन रंगारी, एसडीएम प्रीति दुर्गम, बोराई थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार सिंह, एसआई आर.के. मिश्रा, सरपंच माखनलाल सलाम, प्रफुल्ल चंद ठाकुर, समरथ डी.के. साहू, पटवारी नरोत्तम ध्रुव, कैलाश जैन सहित मनोज साक्षी, वीरेंद्र कुमार यादव, पदम भंसाली, बीजू मरकाम, राजेश समरथ तथा बोराई क्षेत्र के सभी वर्गों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

