दूधमुंहे बच्चों को साथ लेकर क्रेडा क्लस्टर टेक्नीशियन सपरिवार कलेक्ट्रेट पहुंचे

दूसरी बार कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, लंबित वेतन भुगतान की उठाई मांग

जशपुर नगर। छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के अंतर्गत कार्यरत क्लस्टर टेक्नीशियन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सपरिवार कलेक्ट्रेट पहुंचे। इससे पूर्व भी उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था इसके बाद भी किसी तरह की कोई कार्यवाही नही हुई। मंगलवार क्लस्टर टेक्नीशियन सपरिवार साहित अपने दूधमुंहे बच्चों को साथ लेकर जनदर्शन में शामिल हुए। टेक्नीशियनों ने दूसरी बार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। क्रेडा तकनिशियन संघ अध्यक्ष रत्नाकर ने बताया गया कि क्लस्टर टेक्नीशियन पिछले 11 वर्षों से क्रेडा विभाग के अंतर्गत पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य की विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र, सोलर ड्यूल पंप, सोलर होम लाइट सिस्टम तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत लगाए गए सोलर पंपों के संचालन, संधारण, रखरखाव एवं मॉनिटरिंग का कार्य लगातार किया जा रहा है। टेक्नीशियनों ने बताया कि जिले के दुर्गम, सुदूर क्षेत्रों में सौर परियोजनाओं की जिम्मेदारी वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं। जिलों में सेवाएं दी जा रही हैं, इसके बावजूद उन्हें कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

टेक्नीशियनों ने बताया कि जिले के दुर्गम, सुदूर क्षेत्रों में भी सौर परियोजनाओं की जिम्मेदारी वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं। जिलों में सेवाएं दी जा रही हैं, इसके बावजूद उन्हें कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।


वेतन भुगतान में देरी बनी समस्या


ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि क्लस्टर टेक्नीशियन संवर्ग के अंतर्गत कार्यरत सेवाकर्ता इकाइयों को नवंबर एवं दिसंबर 2025 माह का वेतन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। वेतन भुगतान में हो रही देरी के कारण उनके परिवारों को आर्थिक, मानसिक एवं सामाजिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वेतन के अभाव में बच्चों की शिक्षा, परिवार का भरण-पोषण एवं दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना अत्यंत कठिन हो गया है।
टेक्नीशियनों ने कलेक्टर से मांग की कि लंबित वेतन भुगतान की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए तथा उनके कार्य की निरंतरता सुनिश्चित की जाए।

टेक्नीशियनों ने बताया कि जिले के दुर्गम, सुदूर क्षेत्रों में भी सौर परियोजनाओं की जिम्मेदारी वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं। जिलों में सेवाएं दी जा रही हैं, इसके बावजूद उन्हें कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

इस संबंध में क्रेडा के उप अभियंता राजेंद्र खेस ने बताया कि संबंधित जानकारी उच्च कार्यालय को भेज दी गई है। बजट प्राप्त होते ही लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।





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