कॉलेज में विद्यार्थियों को मिले महत्वपूर्ण डिजिटल सुरक्षा के गुर

साइबर क्राइम जन जागरूकता अभियान में शामिल लोग

रायगढ़। शासकीय पी. डी. कॉलेज, रायगढ़ में साइबर सेल रायगढ़ द्वारा साइबर क्राइम जन जागरूकता अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। तेजी से बदलते डिजिटल माहौल और बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए इस कार्यक्रम को महाविद्यालय प्रशासन ने अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रिंसिपल ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में डीएसपी साइबर सेल रायगढ़ अनिल विश्वकर्मा विशेष रूप से आमंत्रित थे। उनके साथ प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह तथा साइबर विशेषज्ञ जुगल किशोर तिवारी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज प्रबंधन द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इसके पश्चात मंच संचालनकर्ता ने साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युग में इंटरनेट का उपयोग जितना लाभकारी है, उतना ही जोखिमपूर्ण भी। ऐसे में युवाओं को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी होना बेहद आवश्यक है।

मुख्य वक्ता डीएसपी अनिल विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों और स्टाफ को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन फ्रॉड के नए तरीकों और सोशल मीडिया से जुड़े खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अब अत्यंत तकनीकी तरीके अपनाकर लोगों को धोखा दे रहे हैं, इसलिए सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
उन्होंने फिशिंग अटैक, स्कैम कॉल, फर्जी लिंक, फेक कस्टमर केयर नंबर, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई स्कैम, लोन ऐप धोखाधड़ी और रैंसमवेयर अटैक जैसे मामलों की विस्तृत जानकारी देते हुए बचाव के व्यावहारिक उपाय समझाए।

प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह ने सोशल मीडिया सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे किसी भी अजनबी की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और न ही किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें।

साइबर विशेषज्ञ जुगल किशोर तिवारी ने पासवर्ड सुरक्षा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, डिजिटल फुटप्रिंट, डिवाइस सिक्योरिटी और साइबर हाइजीन पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि कमजोर पासवर्ड साइबर अपराधियों के लिए सबसे आसान रास्ता बन जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मजबूत, यूनिक और समय-समय पर बदलने वाले पासवर्ड अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने डिजिटल फुटप्रिंट पर चेतावनी देते हुए कहा कि इंटरनेट पर किया गया हर पोस्ट, कमेंट और गतिविधि हमेशा के लिए रिकॉर्ड हो सकती है, इसलिए इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी से किया जाए।

कॉलेज के प्रिंसिपल ने अपने उद्बोधन में कहा कि साइबर सेल द्वारा दिया गया मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा हर छात्र की प्राथमिक आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने साइबर सेल टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को तकनीक का सकारात्मक और सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर विशेषज्ञों से विभिन्न प्रश्न पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। कई छात्रों ने ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, ई-वॉलेट सिक्योरिटी और सोशल मीडिया हैकिंग से संबंधित सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और स्पष्ट उत्तर दिया।

कॉलेज प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि छात्र न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट हों बल्कि डिजिटल दुनिया में भी सुरक्षित रह सकें। प्रशासन ने यह भी कहा कि साइबर सुरक्षा पर नियमित वर्कशॉप और ट्रेनिंग की आवश्यकता है, जिसे जल्द ही कॉलेज में लागू किया जाएगा।

संपूर्ण कार्यक्रम उत्साहपूर्ण, ऊर्जा से भरपूर और जानकारीपूर्ण रहा। साइबर सेल रायगढ़ की टीम को विद्यार्थियों और स्टाफ ने जोरदार तालियों के साथ धन्यवाद दिया।

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