कौशल्या धाम,चन्द्रखुरी में अहिल्या बाई होलकर की 300 वीं जयंती

नवीन अंकुर महिला मंडल द्वारा कार्यक्रम आयोजित

आयोजन में शामिल लोग

रायपुर। कौशल्या धाम, चन्द्रखुरी की पावन भूमि पर राजमाता अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती की धूम रही। यह जयंती 27 से 29 अक्टूबर तक मनाई गई। इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से नवीन अंकुर महिला मंडल द्वारा तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए कलाकारों ने राजमाता अहिल्या बाई होलकर के जीवन, कार्यों और समाजसेवा की प्रेरक गाथा को मंच पर जीवंत किया। नृत्य, नाट्य, संगीत और काव्य मंचन के माध्यम से उनके त्याग, नारी शक्ति, न्यायप्रियता और धर्मनिष्ठा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण से हुआ।महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मीना गौतम ने कहा “राजमाता अहिल्या बाई का जीवन नारी सशक्तिकरण, सेवा और धर्मनिष्ठ शासन का अनुपम उदाहरण है। उनका आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।”

समाजसेवा के क्षेत्र में सम्मान

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही महिला सशक्तिकरण और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं और संगठनों को सम्मानित किया गया। आयोजन की सराहना करते हुए अतिथियों ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और स्त्रीशक्ति के प्रति नव ऊर्जा का संचार करने वाला रहा।

यह रहें उपस्थित

आरंग जनपद पंचायत के सीईओ अभिषेक बनर्जी, सरपंच जगमोहन बघेल, पंच सुनीता साहू, वी.पी.एम. टेगवार, दीपाली सिंह, सुरेंद्र बर्मन, चंद्रकली वर्मा, संगीता वर्मा, रुक्मिणी, अनुसुइया, गीता वर्मा, तृप्ति वर्मा, मधुबाला, वीना शर्मा, प्रदीप साहू, कलाकार सोमनाथ राय, अयूब, दीपा वर्मा, सादिक, संगीता भट्टाचार्य (कोलकाता), शैलेंद्री साहू, मुमताज सहित प्रदेशभर से आए अनेक कलाकार एवं गणमान्य नागरिक।


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