गजरथ यात्रा पहुंची कांसाबेल, छात्रों को दी जा रही हाथियों के व्यवहार की अहम जानकारी

जशपुर। जशपुर जिला वर्षों से हाथी विचरण क्षेत्र रहा है। घने जंगल, पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियां और अंतर्राज्यीय सीमाओं से लगे वनमार्गों के कारण हाथियों का जिले में लगातार प्रवेश होता है, जिसकी वजह से मानव–हाथी द्वंद की घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। इसी जोखिम को कम करने के उद्देश्य से 21 जून 2025 को जशपुर वनमंडल की गजरथ यात्रा 2025 की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी।

गजरथ यात्रा का लक्ष्य हाथी प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों और विशेष रूप से छात्रों को जागरूक करना है। वन विभाग की टीम कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को हाथियों के व्यवहार, गतिविधियों और सावधानियों की जानकारी दे रही है। इसके साथ ग्रामीण क्षेत्रों में चौपालों के माध्यम से चलचित्र दिखाकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

फरसाबहार, कुनकुरी, बगीचा और पत्थलगांव विकासखंडों के कुल 92 स्कूलों में अब तक लगभग 9,800 छात्रों को जागरूक किया जा चुका है। यात्रा अब कांसाबेल विकासखंड पहुंच चुकी है, जहां अब तक 4 स्कूलों के 903 छात्रों को हाथियों से जुड़े व्यवहार और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई है। वन विभाग की टीम कांसाबेल क्षेत्र में लगातार अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है।

वनमंडलाधिकारी जशपुर शशि कुमार ने बताया कि गजरथ यात्रा का उद्देश्य मानव–हाथी द्वंद को न्यूनतम करना और समुदाय को सुरक्षित सहअस्तित्व के लिए तैयार करना है।

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