धमतरी।जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम मैनपुर बनियाड़ीह में महान समाज सुधारक, सतनाम पंथ के प्रवर्तक एवं संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा की जयंती श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर मानव समाज सहित ग्रामीणों की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम में गांव एवं आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु घासीदास के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर की गई। चैन सिंह गहने ने बताया गुरु घासीदास के तपस्या और समाज सुधार के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि गुरु घासीदास बाबा का संदेश “मनखे-मनखे एक समान” आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, जो समानता, भाईचारे और मानवता का मार्ग दिखाता है।
जयंती समारोह में प्रमुख रूप से सरपंच सुरेंद्र कुमार नेताम, माखनलाल सलाम (सरपंच), राकेश कुमार मिश्रा, एएसआई एवं थाना स्टाफ बोराई, डोमेन्द्र ओट्टी, महेंद्र कुंजाम, वीरेंद्र कुमार यादव, रतिराम साहू, शिवराम (शिक्षक), अश्वनी कुमार बंधु (शिक्षक), देवेंद्र कुमार घृतलहरे (अध्यक्ष), विष्णु कुमार मल्होत्रा (कोषाध्यक्ष), चुन्नीलाल बेर ( सचिव ), बसंत कुमार ( सदस्य ), सुरेंद्र कुमार डहरे, पवन कुमार घृतलहरे, गणराय मल्होत्रा, रमेश कुमार टांडिया, यशवंत कुमार, चेलक बुधराम सेवई, शिवराम दास कुर्रे सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गुरु घासीदास बाबा ने सामाजिक कुरीतियों, भेदभाव और अंधविश्वास के विरुद्ध आवाज उठाई तथा सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश दिया। उन्होंने समाज को शिक्षित होने, नशामुक्ति अपनाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का मार्ग दिखाया। बाबा के बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में शांति और समरसता स्थापित की जा सकती है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों ने एकजुट होकर सामाजिक एकता का परिचय दिया। अंत में सामूहिक प्रार्थना, प्रसाद वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस आयोजन ने न केवल गुरु घासीदास बाबा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया, बल्कि ग्रामीण अंचल में सामाजिक चेतना और आपसी सौहार्द को भी मजबूत किया।

