धान उपार्जन केंद्रों की एसडीएम प्रीति दुर्गगम  ने की सघन जांच, दिए कड़े निर्देश

नापतौल से लेकर किसानों की समस्याओं तक लिया जायजा


एसडीएम प्रीति दुर्गगम धान केंद्रो में निरीक्षण कर रही

BY. चैन सिंह गहने

धमतरी। नगरी। धान कटाई के बाद धान की आवक बढ़ने के साथ ही उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नगरी एसडीएम प्रीति दुर्गगम लगातार निरीक्षण कर रही हैं। सोमवार को वह उन्होंने क्षेत्र के कई उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और पूरे व्यवस्थागत ढांचे का बारीकी से परीक्षण किया।


एसडीएम दुर्गगम सबसे पहले नगरी ब्लॉक के घुटकेल उपार्जन केंद्र पहुँची, जहाँ किसानों की लंबी कतारें लगी थीं। उन्होंने वहाँ नापतौल मशीन, वजन पर्ची, धान की गुणवत्ता परीक्षण, स्टॉक रजिस्टर और किसानों की पहचान सत्यापन की प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से उपार्जन की दैनिक प्रगति, खरीदी में आ रही चुनौतियाँ और परिवहन व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

किसानों से जानी समस्याएँ

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने उपस्थित किसानों से भी बातचीत की। उन्होंने किसानों से पूछा कि धान बेचने में उन्हें कोई दिक्कत हो रही है या नहीं, तौल सही हो रही है या नहीं, और केंद्रों पर पर्याप्त सुविधाएँ मौजूद हैं या नहीं। किसानों ने बताया कि अभी तक नापतौल प्रक्रिया ठीक चल रही है, हालांकि कुछ किसानों ने भीड़ बढ़ने के कारण धान तौल में देर होने की शिकायत भी की। इस पर एसडीएम ने केंद्र प्रभारियों को अतिरिक्त श्रमिक लगाने और तौल प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

प्रीति दुर्गगम ने यह भी कहा कि उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखना सबसे ज़रूरी है। उन्होंने कहा “किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। नापतोल पूरी तरह सही और सटीक हो, यही हमारी प्राथमिकता है । एस डी एम ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपार्जन केंद्रों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

एसडीएम ने सभी केंद्र संचालकों को निर्देशित किया कि किसानों को, पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था और टोकन आधारित प्रणाली के माध्यम से व्यवस्थित रूप से तौल कराई जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि धान परिवहन में देरी नहीं होनी चाहिए ताकि उपार्जन केंद्रों पर स्टॉक का दबाव न बढ़े। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खरीदी से संबंधित रजिस्टर, गुणवत्ता जांच कक्ष, तौल कांटा रूम और रिकॉर्ड अभिलेखों को भी बारीकी से जांचा।

शिकायत मिलने पर होगी कार्यवाही

एसडीएम दुर्गगम ने कहा उपार्जन प्रक्रिया में गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। “हमारा लक्ष्य है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच सकें और उन्हें सही मूल्य मिले।

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