किसानों की समस्याओं पर एसडीएम का आश्वासन “एक सप्ताह में समाधान”
विधायक अंबिका मरकाम व जनक ध्रुव ने दिया किसानों को समर्थन
By. चैन सिंह गहने
धमतरी। धान खरीदी पंजीयन में लगातार हो रही गड़बड़ियों, रकबा सुधार में लापरवाही और लंबित आवेदनों के निराकरण में देरी से नाराज़ किसानों ने बुधवार, 26 नवंबर को कर्राघाटी चौक में विशाल प्रदर्शन किया। 32 गाँवों के सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए और करीब चार घंटे तक चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।धरना–प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम नगरी, क्षेत्रीय विधायक अंबिका मरकाम और जनक ध्रुव मौके पर पहुँचे। दोनों जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया। किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग रखी। एसडीएम प्रीति दुर्गम ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा“सभी लंबित मामलों का निराकरण प्राथमिकता से किया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर समाधान प्रस्तुत किया जाएगा।”

प्रदर्शन करते किसान
आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया।विधायक अंबिका मरकाम ने किसानों की मांगों को सही और जायज़ बताते हुए कहा कि गोदावरी के दौरान हुई गंभीर लापरवाही के कारण किसानों का रकबा पोर्टल में गलत दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया“शासन ने गोदावरी का कार्य पटवारी के बजाय अन्य माध्यम से कराया, जिससे रकबा में गड़बड़ी हुई और इसका सीधा असर धान खरीदी पंजीयन पर पड़ा है। इसलिए प्रशासन को तत्काल सुधार करना चाहिए।” विधायक जनक ध्रुव (मैनपुर गरियाबंद बिंद्रा नवागढ़ ) ने भी किसानों का खुलकर समर्थन किया और समस्याओं को शीघ्र दूर करने की मांग की। उन्होंने एस डी एम को कहा किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कैंप लगाया जाए, जहाँ पटवारी और सहकारी समिति के कर्मचारी मौजूद रहें। इससे पंजीयन सहित अन्य गड़बड़ियों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा और किसानों को तुरंत समाधान मिल सकेगा।”
किसानों की प्रमुख मांगें
वन ग्राम और राजस्व ग्राम के किसानों के पंजीयन में हो रही त्रुटियों को तत्काल सुधारा जाए और पात्र किसानों को टोकन जारी किए जाएँ। उपार्जन केंद्र बेलरबाहरा की खरीदी क्षमता 450 क्विंटल से बढ़ाकर 2000 क्विंटल की जाए।पूर्ण कर किसानों को नवीन भूमि पट्टा प्रदान किया जाए।वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने की प्रक्रिया।चिटफंड अधिनियम 2019 लागू कर घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 17 के तहत चिटफंड कंपनियों में फंसी किसानों की जमा राशि वापस कराई जाए।
किसान संघ के अध्यक्ष नरेश कुमार मांझी ने बताया मांगो को लेकर एस डी एम को ज्ञापन सौपा गया हैं एस डी एम ने एक सप्ताह में समाधान” का आश्वासन किसानों को दिया है। किसान संघ के अध्यक्ष नरेश कुमार मांझी ने बताया मांगो को लेकर एस डी एम को ज्ञापन सौपा हैं एस डी एम ने किसानों को एक सप्ताह में समाधान” का आश्वासन दिया हैं।
चार घंटे तक ठप रहा यातायात
करीब चार घंटे तक मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। यात्रियों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासनिक समझाइश के बाद किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन समाप्त कर लौट गए। हड़ताल में किसान संघर्ष समिति (जोन बेलरबाहरा) के केनोहरलाल, सतनलाल, रमेश कुमार, श्यामलाल, लोभान सिंह, नेहरू, लक्ष्मीनारायण, तरुण कुमार, महेंद्र, जितेंद्र सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

