बलरामपुर में फर्जी डीएसपी बनकर 72 लाख की ठगी

कुसमी पुलिस ने आरोपी को सीधी (मध्यप्रदेश) से दबोचा

बलरामपुर–रामानुजगंज। थाना कुसमी पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को पुलिस विभाग में डीएसपी बताकर लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी कर रहा था। आरोपी की पहचान संतोष कुमार पटेल पिता रविनाथ पटेल उम्र 29 वर्ष निवासी पड़खुरी पचोखर, थाना चुरहट, जिला सीधी (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ग्राम कंजिया निवासी ललकी बाई को यह झांसा दिया था कि वह मध्यप्रदेश पुलिस में डीएसपी पद पर पदस्थ है और उनके दोनों बच्चों को पुलिस विभाग में नौकरी लगवा देगा। इसी विश्वास में आकर पीड़िता ने वर्ष 2018 से 2025 के बीच लगभग 72 लाख रुपये (₹72,00,000) आरोपी के बैंक खाते एवं फोनपे के माध्यम से विभिन्न किस्तों में भेज दिए।

कैसे हुआ संपर्क

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि वर्ष 2016–17 में सामरी, जलजली एवं श्रीकोट रोड निर्माण कार्य के दौरान ए. साई कंपनी में आरोपी जेसीबी ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। उसी दौरान उसकी पहचान ग्राम कंजिया की ललकी बाई से हुई, जो अक्सर पास के जंगल में बकरियां चराने जाती थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया और वर्षों तक संपर्क बनाए रखा।

काम समाप्त होने के बाद आरोपी अपने गांव लौट गया और वहीं से उसने ललकी बाई को फोन कर बताया कि उसकी डीएसपी पद पर नियुक्ति हो गई है। इसके बाद उसने पीड़िता से बच्चों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी शुरू कर दी। आरोपी ने कभी पत्नी या बहन की बीमारी का हवाला देकर भी पैसे की मांग की।

तकनीकी जांच में खुला राज

पीड़िता की शिकायत पर थाना कुसमी में अपराध क्रमांक 92/2025 धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेनदेन के आधार पर पुलिस ने आरोपी का पता लगाते हुए टीम को मध्यप्रदेश रवाना किया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी इम्मानुएल लकड़ा के मार्गदर्शन में गठित टीम ने आरोपी को सीधी जिले से हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने ठगी की बात स्वीकार की। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इनका रहा योगदान

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विरासत कुजूर, सहायक उपनिरीक्षक रमेश तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक दीपक बड़ा, एवं आरक्षक क्रमांक 598 धीरेन्द्र चंदेल का सराहनीय योगदान रहा।

कुसमी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति को पैसा न दें और ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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