
7 लाख कृषि पंप कनेक्शन बिजली कनेक्शन के लिए बजट 4000 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव, परन्तु योजना धरातल पर नहीं दिख रही
रायपुर (News27) 10.07.2024 । छत्तीसगढ़ में बारिश कम होने से प्रदेश के किसानों के माथे पर चिंता की लकीर बनने लगी है। अधिकतर जिलों के किसानों ने जुताई के साथ बुआई भी कर चुके हैं, परन्तु बारिश नहीं होने से बेआसरे होकर किसान छत्तीसगढ़ सरकार की ओर ताकने मजबूर है। बिजली विभाग की योजनाओं का बहुत ही बुरा हाल है रायपुर जिले का अभनपुर ब्लॉक के अंतर्गत गांव खोरपा भटगांव राखी उलबा सकरी वह अन्य गांव किसानों के द्वारा खेतों में बोर खनन कराया गया है नजदीक में विद्युत पोल नहीं होने के कारण बिजली की कनेक्शन पंप कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है, आवेदन दिए हुए 1 साल से अधिक समय हो गए हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाया है, जिसके कारण फसल बिना पानी बिजली के खराब हो रहा है, खेती करना कठिन हो गया है, धान सूख रहा है, किसान काफी चिंतित हैं, बिजली विभाग के लापरवाही और योजनाओं में देरी की वजह से जल्द से जल्द विद्युत पोल लगे खेतों में जिससे धान के फसल को बचाया जा सके प्रत्येक गांव में पांच से अधिक विद्युत कनेक्शन पंप कनेक्शन हेतु आवेदन दिया गया है। 200 से अधिक आवेदन दिया गया है। अभनपुर ब्लॉक में किसान आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री जनदर्शन कलेक्टर जैन दर्शन जाकर विद्युत विभाग की शिकायत करने वाले हैं। उक्ताशय की जानकारी देते हुए उल्वा अभनपुर ब्लाॅक अभनपुर, जिला रायपुर के किसान आसाराम ध्रुव ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 2024-2025 कृषि के लिए बजट 14000 करोड़ से अधिक 7 लाख कृषि पंप कनेक्शन बिजली कनेक्शन के लिए बजट 4000 करोड़ से अधिक का प्रस्तावित है, लेकिन योजना का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। किसान बारिष नहीं होने से तो परेशान हैं ही शासन की योजना के तहत कृषि पंप कनेक्शन से बिजली नहीं मिल पाने से भी किसान परेशान हैं, जबकि बिजली कनेक्शन हेतु 1 साल से अधिक हो गया अभी तक अभनपुर ब्लॉक के किसानों तक बिजली कनेक्शन उनके पहुंच से बाहर है। बिजली कनेक्शन कृषि पंप के लिए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। पंप कनेक्शन हेतु समय सीमा निश्चित है 90 दिनों से लेकर 180 दिनों के भीतर कृषि पंप कनेक्शन देना अनिवार्य है। किसानों को विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय किया गया है कि समय सीमा के अवधि पर पंप कनेक्शन है तो बिजली नहीं मिलने पर विद्युत कंपनी को जुर्माना लगाया जा सकता है। यह भी प्रावधान है कि एक वर्ष से अधिक लंबित आवेदन प्रकरणों में विद्युत कंपनी को 20000 से अधिक जुर्माना लगाया जा सकता है, जिसकी जानकारी किसानों को नहीं होने के कारण वे शिकायत नहीं कर पाते, जबकि वर्षा नहीं होने के कारण किसान बहुत परेशान है। किसान लाखों रुपए खर्च कर बोरवेल खनन खेत में करवाए हुए हैं, लेकिन कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक साल से अधिक समय हो गया बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाया है, जिसके कारण फसल बर्बाद होने के कगार पर है, किसानों को समय पर यदि विद्युत कनेक्शन नहीं मिला पाया तो ऐसे में उनकी परेशानी और बढ़ने वाली है। किसानों को सरकारी दफतर या मंत्रियों, अधिकारियों के बंगले भटकने से बचाने जो किसान बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहा है, उसे औपचारिकता के भटकावें से बचाकर उन्हें त्वरित कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि किसानों को बिजली कनेक्शन के भटकना ना पड़े, तभी समस्या का समाधन संभव है।
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